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Uttarakhand News: CM धामी ने दी ₹33 करोड़ से अधिक की मंजूरी, पेयजल और सीवर योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में पेयजल, सीवर और निर्माण कार्यों के लिए ₹33 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति दी। हरिद्वार, उत्तरकाशी, टिहरी और चंपावत को लाभ मिलेगा।
Uttarakhand Development Projects (Image Credit-Social Media)
देहरादून, 19 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में पेयजल, सीवर लाइन और निर्माण कार्यों से जुड़ी योजनाओं के लिए ₹33 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। सरकार के इस फैसले से हरिद्वार, उत्तरकाशी, टिहरी और चंपावत में प्रस्तावित विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार की ज्वालापुर जोन तृतीय में विभिन्न व्यासों की सीवर लाइनों को बदलने के लिए ₹2.95 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। इससे क्षेत्र में सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने और पुरानी लाइनों को बदलने का काम किया जा सकेगा।
सांकरी पेयजल योजना के लिए ₹3.05 करोड़
उत्तरकाशी जिले में पुरोला शाखा के अंतर्गत विकासखंड मोरी की सांकरी पेयजल योजना के लिए ₹3.05 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। योजना के जरिए क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को बेहतर जलापूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
टिहरी में ₹26.44 करोड़ की पेयजल पंपिंग योजना
टिहरी जिले के विकासखंड हिण्डोलाखाल के ग्राम महडजाली में उमरेश्वर माछर पेयजल पंपिंग योजना के निर्माण के लिए ₹26.44 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है।
यह स्वीकृति मुख्यमंत्री की ओर से मंजूर की गई प्रमुख परियोजनाओं में सबसे बड़ी है। योजना के निर्माण से क्षेत्र में पेयजल सुविधा को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
चंपावत में जिला न्यायाधीश आवासीय भवन के लिए भी मंजूरी
इसके अलावा चंपावत में जिला न्यायाधीश के आवासीय भवन के निर्माण के लिए ₹5.31 लाख की धनराशि स्वीकृत करने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
इस तरह मुख्यमंत्री की ओर से अलग-अलग जिलों में पेयजल, सीवर और आवश्यक निर्माण कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृतियां दी गई हैं।
पेयजल और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री धामी की ओर से मंजूर की गई परियोजनाओं में पेयजल और सीवर से जुड़ी योजनाओं का बड़ा हिस्सा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की सरकार की प्राथमिकता सामने आती है।
इन योजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद संबंधित क्षेत्रों में जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था में सुधार के साथ स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।


