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Uttarakhand News: उत्तराखण्ड के विकास में प्रवासी उत्तराखण्डियों की अहम भूमिका: सीएम धामी
Uttarakhand News: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रवासी उत्तराखण्डी बुद्धिजीवियों से संवाद किया और राज्य के विकास, रोजगार, पर्यटन, निवेश, कनेक्टिविटी व रिवर्स माइग्रेशन की प्राथमिकताएं साझा कीं।
Uttarakhand News (Image Credit-Social Media)
नई दिल्ली, 27 सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रवासी उत्तराखण्डी बुद्धिजीवियों से संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों और प्रबुद्धजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि संवाद के दौरान प्राप्त सुझावों को प्रदेश की नीतियों में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद संवाद में शामिल होने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है। राज्य का बजट बढ़कर 1.12 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि रिवर्स माइग्रेशन के क्षेत्र में अभी और काम करने की आवश्यकता है। पर्यटन, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि का भी उल्लेख किया।
कनेक्टिविटी से निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से यात्रा का समय कम हुआ है। देहरादून से प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं संचालित हो रही हैं। हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र तथा पंतनगर कृषि एवं औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा।
निवेश और सतत विकास में उत्तराखण्ड की स्थिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में शीर्ष पर रहा है। उन्होंने कहा कि निवेश नीति के वातावरण के मामले में भी उत्तराखण्ड हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों में अग्रणी है।
युवाओं के रोजगार और पारदर्शी भर्ती पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है। 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का संकल्प लिया था। पेपर लीक और नकल जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की गई है और 100 से अधिक लोगों को जेल भेजे जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है और भर्ती प्रक्रिया में कई सुधार किए गए हैं।
होमस्टे और स्थानीय उद्यमों से स्वरोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि होमस्टे, छोटे होटल, कृषि, बागवानी और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश जैसे पर्यटन स्थलों पर गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद वहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
समान नागरिक संहिता का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की है। उन्होंने इसे सुशासन और समान अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी यूसीसी को लेकर सकारात्मक चर्चा हो रही है।
शिक्षा और अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है। सभी कक्षाओं को इसके दायरे में लाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सभी बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। निर्धारित मानकों के बाहर संचालित 250 से अधिक मदरसों के खिलाफ भी कार्रवाई का उल्लेख मुख्यमंत्री ने किया।
सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों तक सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। चारधाम और धार्मिक पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
खेलों में युवाओं को मिल रहे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के बाद उत्तराखण्ड की खेल पहचान मजबूत हुई है। प्रदेश में खेल सुविधाओं और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार किया जा रहा है।
नकल विरोधी कानून से युवाओं के भविष्य की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि मेहनत, सपनों और अधिकारों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रसून जोशी, प्रो. प्रदीप जोशी, अश्विनी लोहानी, प्रो. हर्ष वी. पंत, सुभाष धूलिया, प्रो. धनंजय जोशी, सुष्मिता रावत, डॉ. सरिता पाठक, कुलानंद जोशी, निर्मल पाठक, हरिसुमन बिष्ट, देव रतूड़ी, डॉ. सुषमा रावत, डॉ. निधि गुसाईं, देवेंद्र गुसाईं, डॉ. के.के. पांडे, विनोद बछेती, डी.एस. रावत, डॉ. सरोज पांडे, शंकर पांडे, प्रो. दिनेश सकलानी, प्रो. पवन कुमार जोशी, वीरेंद्र सिंह नेगी, पवन कुमार मैठाणी, हरेंद्र असवाल, संजय जोशी, डॉ. भुवन चंद्र पांडे, विजय जोशी, डॉ. मेघा बिष्ट, लक्ष्मी रावत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. गोविंद सिंह ने किया।


