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29 हजार MSME और 1.27 लाख रोजगार... CII समिट में CM धामी ने बताया कैसे बदल रहा उत्तराखंड
Uttarakhand Industrial Growth: CM धामी ने CII उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट में 29 हजार से ज्यादा MSME, 1.27 लाख रोजगार, 200 करोड़ के वेंचर फंड और नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।
Uttarakhand Industrial Growth: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित 7वें सीआईआई उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो-2026 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हरिद्वार आध्यात्मिक नगरी के साथ-साथ उत्तराखंड के औद्योगिक विकास का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन उद्योग, व्यापार, निवेश और नवाचार को साझा मंच उपलब्ध कराने के साथ राज्य के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति में उद्यमियों, व्यापारियों और निवेशकों की अहम भूमिका होती है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड में उद्योगों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल व्यवस्था उपलब्ध हो। सरकार नियामक के बजाय सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभाने की दिशा में काम कर रही है।
29 हजार से ज्यादा नई MSME इकाइयां स्थापित
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त राज्य बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से राज्य में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम सड़क परियोजना और लगातार बेहतर हो रही कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई MSME इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था शुरू की गई है। वहीं सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करते हुए 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
200 करोड़ के वेंचर फंड की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि युवा केवल नौकरी मांगने वाला न बने, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाला बने। इसी उद्देश्य से स्टार्टअप और नवाचार को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू करने के साथ स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग देने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में करीब 1,002 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
पहाड़ी जिलों में भी औद्योगिक गतिविधियों पर जोर
सीएम धामी ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
छोटे उद्यमियों को आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है। भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इसी तरह की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में भी उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बिजनेस रिफॉर्म में ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी
सीएम धामी ने कहा कि राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में उत्तराखंड को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। वहीं एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में भी उत्तराखंड ने अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
उन्होंने उद्यमियों और निवेशकों से उत्तराखंड में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने तथा निवेश और रोजगार सृजन में भागीदार बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और बेहतर निवेश अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को आध्यात्मिक शक्ति केंद्र के साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसमें उद्योग जगत, व्यापारी, निवेशक और युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने CII की पूरी टीम और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक इकाइयों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
पुलिस जवानों से भी मिले मुख्यमंत्री
इंडस्ट्रियल समिट से पहले मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों का हालचाल जाना और प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाया और पूरी लगन व समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने उद्योगों को बताया अर्थव्यवस्था की रीढ़
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में आयोजित यह इंडस्ट्री कार्यक्रम उत्तराखंड के औद्योगिक विकास में नया आयाम स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए उद्योग जगत को गुणवत्ता और नवाचार के साथ आगे बढ़ना होगा। संकल्प और इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। भारत आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और वैश्विक स्तर पर मजबूत राष्ट्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है।
कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद, शिवालिकनगर नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री आदेश सैनी, विक्रम भुल्लर, CII उत्तराखंड अध्यक्ष संजय अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सौरव दास, इंडस्ट्री सेक्रेटरी विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, सिडकुल के प्रबंध निदेशक सौरव गहवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, CII उत्तराखंड निदेशक गौरव लांबा, चेयरपर्सन सोनिया, संदीप जैन सहित उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


