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खटीमा में सीएम धामी ने किया मॉडल स्कूल का लोकार्पण, बच्चों को मिलेंगी स्मार्ट क्लास और STEM लैब
Uttarakhand News: खटीमा के नगला तराई में सीएम धामी ने मॉडल प्राथमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। स्कूल में स्मार्ट क्लास, STEM लैब और आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा के नगला तराई स्थित मॉडल प्राथमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। विद्यालय के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण के साथ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला तराई में 65.07 लाख रुपये की लागत से निर्मित मंच और परिसर के सौंदर्यीकरण कार्यों का भी उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और विद्यालय में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया।
बच्चों को चॉकलेट बांटी, झूले पर झुलाया
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट और उपहार वितरित किए। साथ ही परिसर में बच्चों के शारीरिक विकास के लिए लगाए गए झूलों पर उन्हें स्वयं झूला झुलाया। मुख्यमंत्री के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से बच्चे और ग्रामीण उत्साहित नजर आए।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय की स्मार्ट क्लास और प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड (आईजीएल) और सरकारी विभागों के सहयोग से करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक मॉडल स्कूल तैयार किया गया है। वर्तमान में विद्यालय में करीब 70 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां पांच आधुनिक कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें विशेष रूप से विकसित STEM लैब भी शामिल है। इस लैब के माध्यम से विद्यार्थी खेल-खेल में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित की बारीकियां सीख सकेंगे।
सीमांत गांवों में विकास की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को देश का पहला गांव कहकर नई पहचान दी है। इन क्षेत्रों में विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि खटीमा क्षेत्र में बागवानी, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के स्टार्टअप, रोजगार और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
उन्होंने मधुमक्खी पालन को भी स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों की क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
32 पीएम श्री विद्यालयों के लिए जारी किए 4 करोड़ रुपये से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के 32 पीएम श्री विद्यालयों के लिए 4 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।
इसके अलावा कक्षा एक से 12वीं तक के करीब 1.45 लाख छात्र-छात्राओं को नोटबुक उपलब्ध कराने के लिए लगभग 8 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है।
264 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 87 में वर्चुअल क्लास की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए डिजिटल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 11वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालयों के छात्रों को भी टैबलेट उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 87 माध्यमिक विद्यालयों में वर्चुअल क्लास, 264 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और 16 माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को तकनीक आधारित शिक्षा प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
थारू इंटर कॉलेज में बनी डिजिटल लाइब्रेरी
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शिक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पीएम श्री थारू राजकीय इंटर कॉलेज में 3 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण और विद्यालय का सौंदर्यीकरण पूरा कर लिया गया है।
इसके अलावा रुद्रपुर में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जिला पुस्तकालय और खटीमा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और बालिका शिक्षा को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की राह में बाधा न बनें, इसके लिए सरकार निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के 152 राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 8 से 10 तक के 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है।
वहीं, कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जा रही है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर मिल रहे हैं।
शिक्षकों से बच्चों की प्रतिभा पहचानने का आह्वान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संघर्षों से सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इतिहास रचने वाले लोग अक्सर सामान्य और अभावों भरी परिस्थितियों से निकलकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी परिस्थितियों से निराश होने के बजाय निरंतर मेहनत करनी चाहिए।
उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की रुचि और क्षमता पहचानकर उन्हें उचित मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समर्पित शिक्षक विद्यार्थी के जीवन की दिशा और दशा बदल सकता है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिला पंचायत सदस्य सूरज धामी, ग्राम प्रधान दीपू मेहरा, दिनेश राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी, इंडिया ग्लाइकोल्स के निदेशक आलोक सिंघल, राजेश कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।


