1 May 2026 Aaj Ka Panchang : शुक्रवार का नक्षत्र, योग और राहुकाल,देखे आज का पंचांग

1 May 2026 Aaj Ka Panchang : आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल,देखे आज का पंचांग आज का पञ्चाङ्ग 1 मई 2026: , आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल के साथ दिन के खास मुहूर्त की जानकारी पढ़ें।

Update:2026-04-30 06:06 IST

1 May 2026 Ka Panchang in Hindi: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग  ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

आज  1 मई 2026, शुक्रवार के दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है (रात 10:54 PM तक)। इस दिन वैशाख पूर्णिमा, कूर्म जयंती, पूर्णिमा उपवास और चित्रा पूर्णनामी जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। राहु 10:47 AM से 12:24 PM तक है | चन्द्रमा तुला राशि पर संचार करेगा। देखिए आज का पंचांग...  

आज 1 मई का पंचांग

हिन्दू मास एवं वर्ष

विक्रम संवत - 2083, सिद्धार्थि

शक सम्वत - 1948, पराभव

पूर्णिमांत - चैत्र
अमांत - चैत्र

आज की तिथि 

तिथि: शुक्ल पक्ष पूर्णिमा – रात 10:54 PM तक

वार: शुक्रवार

नक्षत्र: स्वाति – प्रातः 4:36 AM तक

योग: सिद्धि – रात 9:13 PM तक

करण: विष्टि – सुबह 10:01 AM तक

सूर्य राशि: मेष

चंद्र राशि: तुला

ऋतु: वसंत

अयन: उत्तरायण

दिशाशूल: पश्चिम

चंद्र निवास: पश्चिम

त्यौहार और व्रत

वैशाख पूर्णिमा

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय: 5:23 AM

सूर्यास्त: 6:29 PM

चंद्रोदय: 6:19 PM

चंद्रास्त: 4:45 AM

शुभ- अशुभ काल

अभिजीत मुहूर्त - 11:58 AM – 12:49 PM

अमृत काल - 06:55 PM – 08:41 PM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:20 AM – 05:08 AM

विजय मुहूर्त-14:08 — 14:58

गोधूलि मुहूर्त-18:17 — 18:42

सायाह्न सन्ध्या-18:19 — 19:28

निशिता मुहूर्त-23:39 — 00:25

त्रिपुष्कर योग - Apr 28 05:59 AM - Apr 28 06:52 PM 

 अशुभ काल

राहू - 10:47 AM – 12:24 PM

यम गण्ड - 3:37 PM – 5:13 PM

कुलिक - 7:34 AM – 9:10 AM

दुर्मुहूर्त - 08:32 AM – 09:23 AM, 12:49 PM – 01:41 PM

वर्ज्यम् - 08:24 AM – 10:09 AM

आनन्दादि योग

गद Upto - 04:35 AM

मातंग

गण्डमूल नक्षत्र

नहीं

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चर 05:57 AM 07:34 AM

लाभ 07:34 AM 09:10 AM

अमृत (वार वेला) 09:10 AM 10:47 AM

काल (काल वेला) 10:47 AM 12:24 PM

शुभ 12:24 PM 14:00 PM

रोग 14:00 PM 15:37 PM

उद्बेग 15:37 PM 17:13 PM

चर 17:13 PM 18:50 PM

रात का चौघड़िया

रोग 18:50 PM 20:13 PM

काल 20:13 PM 21:37 PM

लाभ (काल रात्रि) 21:37 PM 23:00 PM

उद्बेग 23:00 PM 00:23 AM

शुभ 00:23 AM 01:46 AM

अमृत 01:46 AM 03:10 AM

चर 03:10 AM 04:33 AM

रोग 04:33 AM 05:56 AM

ध्यान दें

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

भगवान विष्णु और चंद्र देव का ध्यान करें।

पूर्णिमा व्रत रखें और फलाहार करें।

मंदिर जाकर दीपक जलाएं और पूजा करें।

गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।

शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।।

पंचांग क्या होता है?


पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

  • तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।
  • नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है। 
  • योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।
  • करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।
  • वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


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