Aaj Ka Panchang 18 May 2026: जाने आज का पंचांग, योग और शुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang 18 May 2026: वैदिक ज्योतिष में इन योगों को मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।

Update:2026-05-17 20:21 IST

Aaj Ka Panchang 18 May 2026: 18 मई 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी तथा ‘चंद्र दर्शन’, ‘सर्वार्थसिद्धि योग’ और ‘अमृतसिद्धि योग’ जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं। वैदिक ज्योतिष में इन योगों को मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।

पंचांग विवरण

विक्रम संवत : 2083 ‘रौद्र’

शक संवत : 1948

अयन : उत्तरायण

ऋतु : ग्रीष्म

मास : ज्येष्ठ

पक्ष : शुक्ल पक्ष

वार : सोमवार

तिथि और नक्षत्र

द्वितीया तिथि सायं 05:53 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा।

‘रोहिणी’ नक्षत्र प्रातः 11:31 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात ‘मृगशिरा’ नक्षत्र प्रारंभ होगा।

योग और करण

‘सुकर्मा’ योग रात्रि 09:47 बजे तक रहेगा। इसके बाद ‘घृति’ योग प्रारंभ होगा।

‘बालव’ करण प्रातः 07:46 बजे तक रहेगा, उसके बाद ‘कौलव’ करण रहेगा।

ग्रह स्थिति

चंद्र राशि : वृषभ

सूर्य राशि : वृषभ

सूर्योदय और सूर्यास्त

सूर्योदय : प्रातः 05:41 बजे

सूर्यास्त : सायं 07:03 बजे

राहुकाल और दिशाशूल

इस दिन ‘राहुकाल’ प्रातः 07:14 बजे से 08:55 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्यों से बचने की परंपरागत सलाह दी जाती है।

‘दिशाशूल’ पूर्व दिशा में रहेगा। अतः पूर्व दिशा की यात्रा करते समय सावधानी रखने की मान्यता है।

व्रत और विशेष योग

इस दिन ‘चंद्र दर्शन’ का विशेष महत्व है। साथ ही ‘सर्वार्थसिद्धि योग’ और ‘अमृतसिद्धि योग’ भी बन रहे हैं, जिन्हें शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और नए आरंभ के लिए अनुकूल माना गया है।

सोमवार के शुभ-अशुभ मुहूर्त

राहुकाल

प्रातः 07:14 बजे से 08:55 बजे तक

यमगण्ड

प्रातः 10:36 बजे से 12:17 बजे तक

गुलिक काल

दोपहर 01:58 बजे से 03:40 बजे तक

अभिजित मुहूर्त

दोपहर 11:59 बजे से 12:50 बजे तक

दूरमुहूर्त

रात्रि 02:48 बजे से 02:50 बजे तक

रात्रि 02:54 बजे से 02:57 बजे तक

दिन का चौघड़िया

अमृत : 05:41 – 07:13 (शुभ)

काल : 07:13 – 08:54 (अशुभ)

शुभ : 08:54 – 10:35

रोग : 10:35 – 12:16 (अशुभ)

उद्वेग : 12:16 – 01:57 (अशुभ)

चर : 01:57 – 03:39

लाभ : 03:39 – 05:20

अमृत : 05:20 – 07:01

रात्रि का चौघड़िया

चर : 07:01 – 08:20

रोग : 08:20 – 09:39 (अशुभ)

काल : 09:39 – 10:57 (अशुभ)

लाभ : 10:57 – 12:16

उद्वेग : 12:16 – 01:35 (अशुभ)

शुभ : 01:35 – 02:53

अमृत : 02:53 – 04:12

चर : 04:12 – 05:41

दिन का होरा

चंद्र : 05:41 – 06:41

शनि : 06:41 – 07:41

गुरु : 07:41 – 08:41

मंगल : 08:41 – 09:41

सूर्य : 09:41 – 10:41

शुक्र : 10:41 – 11:41

बुध : 11:41 – 12:41

चंद्र : 12:41 – 01:41

शनि : 01:41 – 02:41

गुरु : 02:41 – 03:41

मंगल : 03:41 – 04:41

सूर्य : 04:41 – 05:41

रात्रि का होरा

शुक्र : 05:41 – 06:41

बुध : 06:41 – 07:41

चंद्र : 07:41 – 08:41

शनि : 08:41 – 09:41

गुरु : 09:41 – 10:41

मंगल : 10:41 – 11:41

सूर्य : 11:41 – 12:41

शुक्र : 12:41 – 01:41

बुध : 01:41 – 02:41

चंद्र : 02:41 – 03:41

शनि : 03:41 – 04:41

गुरु : 04:41 – 05:41

धार्मिक महत्व

सोमवार भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। वहीं शुक्ल पक्ष की द्वितीया और चंद्र दर्शन का संयोग मानसिक शांति, सौभाग्य और शुभता का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ‘सर्वार्थसिद्धि योग’ और ‘अमृतसिद्धि योग’ में किए गए शुभ कार्य दीर्घकाल तक सकारात्मक फल देने वाले माने जाते हैं।

(साभार : वैदिक पंचांग, ज्योतिषीय गणना एवं पारंपरिक धार्मिक मान्यताएँ)

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