15 May 2026 Aaj Ka Panchang : शुक्रवार का दिन कैसा रहेगा,15 मई 2026 को क्या है? देखें आज का पंचांग

15 May 2026 Aaj Ka Panchang : आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल,देखे आज का पंचांग आज का पञ्चाङ्ग 15मई 2026 का पंचांग क्या है? , शुक्रवार का दिन कैसा रहेगा,

Update:2026-05-14 07:24 IST

15 May 2026 Ka Panchang in Hindi: आज  शुक्रवार का दिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि में अश्विनी नक्षत्र आयुष्मान योग के साथ शुरु हो रहा है। इस दिन नए काम की शुरुआत के लिए कौन सा समय सही रहेगा आज का पंचांग क्या है। ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

15 मई 2026,शुक्रवार का दिन पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथिपर पड़ रहा है, जो सुबह 8:32 बजे तक प्रभावी है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से भगवान शिव की आराधना और आत्मशुद्धि के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस समय की गई पूजा और साधना मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

आज का पंचांग 

तिथि: कृष्ण पक्ष त्रयोदशी – सुबह 8:32 AM तक

वार: शुक्रवार

नक्षत्र: अश्विनी – रात 8:15 PM तक

योग: आयुष्मान – दोपहर 2:22 PM तक

करण: वणिज – सुबह 8:29 AM तक

मास (अमांत): वैशाख

मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)

शक संवत: 1948 (प्रभाउ)

सूर्य राशि: मेष

चंद्र राशि: मेष

ऋतु: वसंत

अयन: उत्तरायण

दिशाशूल: पश्चिम

चंद्र निवास: पूर्व

त्यौहार और व्रत

मास शिवरात्रि

वृषभ संक्रांति

शुभ-अशुभ समय

आज का अभिजीत मुहूर्त - 11:56 AM – 12:49 PM

अमृत काल - 01:43 PM – 03:10 PM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:13 AM – 05:01 AM

सर्वार्थसिद्धि योग - May 14 10:33 PM - May 15 08:14 PM

इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

राहू - 10:44 AM – 12:23 PM

यम गण्ड - 3:39 PM – 5:18 PM

कुलिक - 7:28 AM – 9:06 AM

दुर्मुहूर्त - 08:27 AM – 09:19 AM, 12:49 PM – 01:41 PM

वर्ज्यम् - 04:36 PM – 06:03 PM, 04:44 AM – 06:09 AM

सूर्य और चंद्र समय

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय: 5:14 AM

सूर्यास्त: 6:36 PM

चंद्रोदय: 3:37 AM

चंद्रास्त: 5:07 PM

आनन्दादि योग

वज्र Upto - 08:14 PM

मुद्गर


सूर्या राशि

 06:19 AM तक मेष राशि, उपरांत वृषभ राशि में प्रवेश

चंद्र राशि

 मेष राशि पर संचार करेगा

गण्डमूल नक्षत्र

May 14 10:33 PM – May 15 08:14 PM

पूजा-व्रत विधि

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

भगवान शिव का ध्यान करें और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप करें।

दिनभर सात्विक आहार लें या व्रत रखें।

शाम के समय शिव मंदिर जाकर दीपक जलाएं और जल अर्पित करें।

जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है।

पूरे दिन संयम और सकारात्मक विचार बनाए रखें।

दिन का चौघड़िया

चर 05:49 AM 07:28 AM

लाभ 07:28 AM 09:06 AM

अमृत (वार वेला) 09:06 AM 10:44 AM

काल (काल वेला) 10:44 AM 12:23 PM

शुभ 12:23 PM 14:01 PM

रोग 14:01 PM 15:39 PM

उद्बेग 15:39 PM 17:18 PM

चर 17:18 PM 18:56 PM

रात का चौघड़िया

रोग 18:56 PM 20:18 PM

काल 20:18 PM 21:39 PM

लाभ (काल रात्रि) 21:39 PM 23:01 PM

उद्बेग 23:01 PM 00:23 AM

शुभ 00:23 AM 01:44 AM

अमृत 01:44 AM 03:06 AM

चर 03:06 AM 04:27 AM

रोग 04:27 AM 05:49 AM

पंचांग क्या होता है?

पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।

नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।

योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।

वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


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