'आंदोलनकारियों से डर गए 56 इंच वाले', रोहिणी आचार्या ने मोदी पर कसा तंज
Rohini Acharya: CJP नेताओं और ध्रुव राठी की हिरासत पर रोहिणी आचार्या ने केंद्र सरकार को घेरा। जानिए वोट चोरी, चुनाव आयोग और जंतर-मंतर प्रदर्शन पर उन्होंने क्या कहा।
Rohini Acharya
Rohini Acharya: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या का समर्थन मिल रहा है। सोशल मीडिया के जरिए वह जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के पक्ष में अभियान चला रही हैं। शनिवार को CJP के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका के साथ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने की खबरों के बाद रोहिणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।
रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि मोदी-शाह के इशारे पर सच बोलने वाले ध्रुव राठी, CJP नेताओं और युवा आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन का समर्थन करने दिल्ली आ रहे लोगों को सीमाओं और एयरपोर्ट पर रोका गया। रोहिणी ने इसे केंद्र सरकार की बढ़ती तानाशाही का प्रमाण बताते हुए हिरासत में लिए गए सभी आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की।
'आवाज दबाओगे तो कई ध्रुव राठी और सौरभ मिलेंगे'
रोहिणी आचार्या ने अपने संदेश में लिखा, "सच बोलने वाली आवाज़ को जब-जब तुम दबाओगे, देश के हर कोने में तुम कई ध्रुव राठी और सौरभ पाओगे।" उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को रोकने पर भी सवाल उठाए।
रोहिणी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली की सीमाओं और एयरपोर्ट पर रोकना संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मिलने वाली स्वतंत्रता का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर की गई नाकेबंदी, बैरिकेडिंग और पुलिस कार्रवाई सरकार के खिलाफ उठ रही आवाजों को दबाने की कोशिश है।
'वोट चोरी के खिलाफ जनआक्रोश का विस्फोट है प्रदर्शन'
रोहिणी आचार्या ने CJP और विपक्ष के प्रदर्शन को कथित वोट चोरी के खिलाफ जनआक्रोश बताया। उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र की रक्षा करने वाली संस्थाओं पर ही सवाल उठने लगें, तो लोगों को अपनी आवाज उठानी चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और आयोग पर केंद्र सरकार तथा भाजपा के प्रभाव में काम करने के आरोप लग रहे हैं।
उन्होंने मतदाता सूची से नाम गायब होने, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उठाए जा रहे सवालों का जिक्र किया। रोहिणी ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं से मताधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों के जरिए विपक्ष तथा युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
रोहिणी ने अपने संदेश में कहा कि देश किसी की निजी संपत्ति नहीं है और संविधान तथा मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरी है। उन्होंने प्रदर्शन को सरकार और चुनाव आयोग के लिए चेतावनी बताते हुए आंदोलनकारियों के समर्थन में अपनी बात रखी।
ट्रेनों और मेट्रो को लेकर भी केंद्र पर साधा निशाना
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे कदमों पर भी रोहिणी आचार्या ने केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने और सड़क तथा मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों से आंदोलनकारियों को रोकने की कोशिश हुई।
रोहिणी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि वोट चोरी के आरोपों से घिरे लोगों के पसीने छूट रहे हैं और इसी डर से सड़कों पर पहरा लगाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के '56 इंच के सीने' वाले बयान का जिक्र करते हुए भी निशाना साधा और आंदोलनकारियों से डरने का आरोप लगाया।
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले बढ़ाई गई थी सुरक्षा
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था। दिल्ली पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया और कम समय पहले आवेदन मिलने सहित कई कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। इसके बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं।
इस कार्रवाई के बाद CJP और उसके समर्थकों ने हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग उठाई। रोहिणी आचार्या ने भी सोशल मीडिया के जरिए आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की।