8th Pay Commission से पहले बड़ा संकेत, पेंशन सिस्टम में होने जा रहा बड़ा ऐतिहासिक बदलाव
8th Pay Commission: यह प्रस्ताव लागू हुआ तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत मिल सकती है।
8th Pay Commission
8th Pay Commission: इस वक़्त पूरे देश में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं। इसी बीच केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था में बड़े परिवर्तन की पूरी संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार कर्मचारियों को अपनी पसंद के आधार पर ही पेंशन विकल्प चुनने की ज्यादा स्वतंत्रता देने पर विचार कर रही है। अगर यह प्रस्ताव लागू हुआ तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत मिल सकती है।
इस विषय पर बातचीत जारी
फिलहाल सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच इस विषय पर निरंतर बातचीत जारी है। केंद्रीय सरकारी कर्मचारी संघ के एक सदस्य के मुताबिक, अगर चर्चाएं सकारात्मक रूप से दिशा में आगे बढ़ती हैं तो अगले 2-4 महीनों के अंदर इस प्रस्ताव पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
8वें वेतन आयोग बना सबसे बड़ा मुद्दा
दरअसल, 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के दौरान पेंशन सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक उभरकर सामने आया है। विशेषतौर से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग तेजी से उठा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद निश्चित और सुरक्षित पेंशन की आवश्यकता है।
मौजूदा वक़्त में 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त अधिकतर केंद्रीय कर्मचारी NPS के दायरे में आते हैं। यह एक कंट्रीब्यूशन आधारित पेंशन व्यवस्था है, जिसमें कर्मचारी और सरकार दोनों योगदान देते हैं। इस योजना में मिलने वाली पेंशन बाजार के प्रदर्शन और जमा फंड पर निर्भर करती है। ऐसे में कर्मचारियों को भविष्य की पेंशन राशि को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।
वहीं, पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों को आखिरी वेतन और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर गारंटीड पेंशन मिलती थी। यही बड़ा कारण है कि बड़ी संख्या में कर्मचारी OPS की वापसी की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने की UPS की शुरुआत
इसी बीच सरकार ने हाल ही में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की शुरुआत भी की है। इस योजना का मकसद कंट्रीब्यूशन आधारित पेंशन सिस्टम में कुछ हद तक तय पेंशन सुरक्षा देना है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि नया प्रस्ताव लागू होने पर कर्मचारियों को NPS, UPS या अन्य उपलब्ध विकल्पों में से अपनी सुविधा के आधार पर पेंशन योजना चुनने का अवसर मिल सकता है।
बता दे, यदि सरकार इस दिशा में निर्णय लेती है तो यह 8वें वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे बड़े परिवर्तनों में से एक माना जाएगा।