8th Pay Commission में 7वें वेतन आयोग से क्या बदलेगा? जानें ये 5 बड़े बदलाव
8th Pay Commission Update: न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वें वेतन आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
8th Pay Commission Update
8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) और पेंशनभोगियों (Pensioners) के लिए 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लगातार चर्चा में है। 8वें वेतन आयोग की 31 अगस्त और 1 सितंबर को राजस्थान के जयपुर में बैठकें होने वाली हैं। पिछले कुछ महीनों में आयोग पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली और लद्दाख में भी इसी तरह की बातचीत कर चुका है।
न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई (Justice Ranjana Prakash Desai) की अध्यक्षता में गठित 8वें वेतन आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन (Salary), भत्तों (Allowances) और पेंशन (Pension) की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। उम्मीद है कि साल 2025 नवंबर माह में गठन के लगभग 18 महीने बाद यानी मई-जून 2027 तक आयोग केंद्र सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट (Final Report) सौंप सकता है।
फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) और न्यूनतम वेतन (Minimum Salary) को लेकर स्पष्टता का इंतजार है। ऐसे में 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में किए गए बदलावों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 8वां वेतन आयोग किन क्षेत्रों में बदलाव की सिफारिश कर सकता है।
1. पे बैंड और ग्रेड पे की जगह आया पे मैट्रिक्स
7वें वेतन आयोग का एक बड़ा बदलाव पे बैंड और ग्रेड पे सिस्टम (Pay Band and Grade Pay System) को खत्म कर पे मैट्रिक्स (Pay Matrix) लागू करना था। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को अलग-अलग पे लेवल (Pay Level) में रखा गया।
अब 8वें वेतन आयोग के सामने मौजूदा पे लेवल, न्यूनतम वेतन और पे मैट्रिक्स के अंदर वेतन बढ़ने की प्रक्रिया में बदलाव करने का विकल्प हो सकता है। इससे कर्मचारियों की सैलरी में बदलाव की संभावना बन सकती है।
2.57 का फिटमेंट फैक्टर रहा बेहद महत्वपूर्ण
7वें वेतन आयोग ने वेतन और पेंशन में संशोधन के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर (2.57 Fitment Factor) सुझाया था। हालांकि, इसे सीधे तौर पर वेतन में 157 फीसदी की बढ़ोतरी नहीं माना जाना चाहिए। इस फैक्टर में महंगाई भत्ते यानी डीए (Dearness Allowance) का प्रभाव भी शामिल था।
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, इसे लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर आयोग की सिफारिशों पर है।
2. न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये हुआ
7वें वेतन आयोग के तहत 6वें वेतन आयोग में तय 7,000 रुपये के न्यूनतम बेसिक पे (Minimum Basic Pay) को बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह किया गया था। इसमें 2.57 के फिटमेंट फैक्टर की अहम भूमिका रही।
8वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन में होने वाली किसी भी बढ़ोतरी का असर पूरे पे मैट्रिक्स पर पड़ सकता है। इससे कर्मचारियों की वेतन संरचना में बदलाव हो सकता है, हालांकि महंगाई और रोजमर्रा के खर्च की क्षमता जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना होगा।
3. भत्तों में भी हुआ बड़ा परिवर्तन
7वें वेतन आयोग ने केवल बेसिक पे में बदलाव नहीं किया था, बल्कि भत्तों (Allowances) की भी समीक्षा की थी। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (Press Information Bureau) की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, आयोग ने 197 भत्तों की समीक्षा और विश्लेषण किया था। इनमें 53 भत्तों को खत्म करने और 37 भत्तों को दूसरे भत्तों में मिलाने की सिफारिश की गई थी।
घर किराया भत्ता यानी एचआरए (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (Transport Allowance) और दूसरे लाभों में भी बदलाव किए गए थे। ऐसे में 8वें वेतन आयोग में भी कर्मचारियों को बेसिक पे के अलावा भत्तों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
4. सालाना इंक्रीमेंट 3 फीसदी पर बरकरार
7वें वेतन आयोग ने सरकारी कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट (Annual Increment) को 3 फीसदी पर बनाए रखा। इंक्रीमेंट की गणना संशोधित बेसिक पे के आधार पर की गई।
8वां वेतन आयोग मौजूदा व्यवस्था को जारी रख सकता है या फिर सालाना इंक्रीमेंट के लिए नया स्ट्रक्चर (New Increment Structure) सुझा सकता है। इस पर भी कर्मचारियों की नजर बनी हुई है।
5. केवल फिटमेंट फैक्टर से तय नहीं होगी सैलरी
7वें वेतन आयोग के बदलावों से यह साफ होता है कि वेतन आयोग का असर केवल फिटमेंट फैक्टर तक सीमित नहीं रहता। बेसिक पे (Basic Pay), पे मैट्रिक्स लेवल, भत्ते और सालाना इंक्रीमेंट मिलकर कर्मचारी की वास्तविक सैलरी तय करते हैं।
इसी वजह से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग में सिर्फ फिटमेंट फैक्टर की घोषणा का इंतजार करने के बजाय इन सभी पहलुओं को समझना होगा। इन बदलावों का अंतिम असर आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।
जयपुर सहित इन शहरों में होंगी अगली बैठकें
8वें वेतन आयोग की अगली बैठकों पर भी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर रहेगी। जयपुर, चंडीगढ़, पुडुचेरी और चेन्नई में होने वाली बैठकों में यूनियन और अन्य हितधारक (Stakeholders) आयोग के सामने अपनी चिंताएं और शिकायतें रखेंगे।
31 अगस्त और 1 सितंबर को जयपुर में होने वाली बैठकों के बाद वेतन, भत्तों, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम बदलावों की जानकारी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही सामने आएगी।