NPS Vatsalya: क्या है NPS Vatsalya योजना?
NPS Vatsalya में बच्चे के नाम पर सिर्फ ₹250 सालाना से निवेश शुरू किया जा सकता है। जानें पात्रता, रिटर्न, निकासी नियम और 18 साल बाद क्या होगा।
NPS Vatsalya: Start With Just ₹250 and Build a Long-Term Fund for Your Child
NPS Vatsalya News: माता पिता बनने का अनुभव जितना सुखद होता है उससे भी ज्यादा बच्चे के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी उठाने के लिए भी खुद को तैयार करना होता है। बच्चे के जन्म के साथ ही उसके भविष्य के लिए निवेश शुरू करने के लिए हमेशा बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती। अगर माता-पिता कम उम्र से ही बच्चे के नाम पर बचत शुरू करना चाहते हैं, तो NPS Vatsalya एक विकल्प हो सकता है। इस योजना में नाबालिग बच्चे के नाम पर खाता खोला जाता है और माता-पिता या कानूनी अभिभावक इसे संचालित करते हैं। खास बात यह है कि इसमें न्यूनतम ₹250 के सालाना योगदान से शुरुआत की जा सकती है। साथ ही यह बाजार से जुड़ी योजना है, इसलिए इसमें मिलने वाले रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।
क्या है NPS Vatsalya योजना?
NPS Vatsalya को खास तौर पर 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए शुरू किया गया है। यह राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत आने वाली दीर्घकालिक निवेश योजना है। इसमें खाता बच्चे के नाम पर खोला जाता है और उसके लिए PRAN यानी Permanent Retirement Account Number जारी किया जाता है। बच्चे के 18 साल का होने तक खाते का संचालन माता-पिता या कानूनी अभिभावक करते हैं। योजना का उद्देश्य छोटी उम्र से ही बच्चे के लिए लंबी अवधि की बचत शुरू करना है, ताकि समय के साथ एक बड़ा कोष तैयार किया जा सके।
कौन खुलवा सकता है NPS Vatsalya खाता?
इस योजना में 18 साल से कम उम्र के बच्चे का खाता खोला जा सकता है। भारतीय नागरिक बच्चों के अलावा नियमों के तहत एनआरआई और ओसीआई बच्चों के लिए भी इसमें खाता खोलने का प्रावधान है। खाता हमेशा बच्चे के नाम पर होता है, जबकि उसके नाबालिग रहने तक अभिभावक इसका संचालन करते हैं। बच्चे के माता-पिता या कानूनी अभिभावक इसमें योगदान कर सकते हैं। इसके अलावा रिश्तेदार और दोस्त भी बच्चे के खाते में योगदान कर सकते हैं।
सिर्फ ₹250 से शुरू कर सकते हैं निवेश
NPS Vatsalya की एक खास बात इसका कम न्यूनतम योगदान है। इसमें कम से कम ₹250 सालाना जमा करके निवेश शुरू किया जा सकता है। इसका मतलब है कि अगर कोई परिवार शुरुआत में बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकता, तो वह छोटी राशि से भी बच्चे के लिए निवेश की शुरुआत कर सकता है। साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि ₹250 सालाना जमा करने से बहुत बड़ा फंड तैयार नहीं होगा। अगर लक्ष्य बच्चे की उच्च शिक्षा या भविष्य के किसी बड़े खर्च के लिए पर्याप्त रकम जुटाना है, तो समय के साथ नियमित रूप से ज्यादा राशि निवेश करनी होगी।
पैसा कहां निवेश होता है और कितना रिटर्न मिलेगा?
NPS Vatsalya में जमा पैसा बाजार से जुड़े निवेश विकल्पों में लगाया जाता है। इसलिए इसमें मिलने वाला रिटर्न बैंक की सावधि जमा या किसी तय ब्याज वाली योजना की तरह पहले से निश्चित नहीं होता। बाजार के प्रदर्शन और चुने गए निवेश विकल्प के आधार पर रिटर्न कम या ज्यादा हो सकता है। यही वजह है कि माता-पिता को इसे लंबे समय के निवेश के तौर पर देखना चाहिए और खाता खोलने से पहले जोखिम तथा निवेश विकल्पों को समझना चाहिए।
जरूरत पड़ने पर पैसे निकालने के क्या नियम हैं?
NPS Vatsalya में जमा पैसे को सामान्य बचत खाते की तरह जब चाहे तब नहीं निकाला जा सकता। योजना में आंशिक निकासी के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। खाता खुलने के कम से कम तीन साल बाद शिक्षा, कुछ निर्धारित बीमारियों के इलाज और 75 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता जैसी परिस्थितियों में आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। निर्धारित नियमों के तहत बच्चे के खाते में किए गए योगदान की 25 प्रतिशत तक राशि निकाली जा सकती है। 18 साल की उम्र तक अधिकतम दो बार और इसके बाद 18 से 21 साल के बीच दो अतिरिक्त निकासी की अनुमति दी गई है।
18 साल की उम्र के बाद क्या होगा?
बच्चे के 18 साल का होने के बाद NPS Vatsalya खाते की स्थिति बदल जाती है। नए नियमों के तहत बच्चा 18 से 21 साल की उम्र तक इस योजना में रह सकता है या निर्धारित विकल्पों के अनुसार खाते को आगे जारी रख सकता है। इसके लिए बच्चे को अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। वह खाते में जमा राशि को एनपीएस के उपयुक्त मॉडल में स्थानांतरित करने का विकल्प भी चुन सकता है। अगर 18 साल के बाद खाते में जमा कुल राशि ₹8 लाख से कम है, तो नियमों के तहत पूरी राशि निकालने का विकल्प उपलब्ध है। वहीं अगर संचित राशि ₹8 लाख या उससे अधिक है, तो अधिकतम 80 प्रतिशत राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है और कम से कम 20 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल वार्षिकी खरीदने के लिए करना होता है।
खाता खोलने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
NPS Vatsalya खाता खोलते समय बच्चे और उसके अभिभावक के पहचान से जुड़े दस्तावेज जरूरी होते हैं। बच्चे के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र या मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज इस्तेमाल किए जा सकते हैं। अगर बच्चे के पास पैन कार्ड या पासपोर्ट है, तो उसे भी पहचान के लिए दिया जा सकता है। वहीं अभिभावक को आधार कार्ड, पैन कार्ड या फॉर्म 60 के साथ पहचान और पते का प्रमाण देना होता है। जरूरत के अनुसार मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज भी स्वीकार किए जा सकते हैं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से खोल सकते हैं खाता
NPS Vatsalya खाता खोलने के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प हैं। ऑफलाइन आवेदन पंजीकृत Point of Presence यानी PoP के जरिए किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित PoP की ऑनलाइन सुविधा और eNPS प्लेटफॉर्म के जरिए भी आवेदन किया जा सकता है। PFRDA की ओर से मंजूर अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भी खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध है।
निवेश से पहले इस बात का रखें ध्यान
NPS Vatsalya को केवल ₹250 जमा करने वाली बचत योजना समझना सही नहीं होगा। यह लंबे समय के लिए बनाई गई बाजार से जुड़ी निवेश योजना है। इसमें रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और पैसे निकालने के नियम भी सामान्य बचत खाते की तुलना में अलग हैं। इसलिए बच्चे के भविष्य के लिए निवेश शुरू करने से पहले माता-पिता को योजना के निकासी नियम, निवेश विकल्प, शुल्क और लागू कर नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। सही तरीके से लंबे समय तक नियमित निवेश किया जाए, तो छोटी उम्र में शुरू किया गया निवेश बच्चे के बड़े होने तक एक उपयोगी राशि तैयार करने में मदद कर सकता है।