Adani Airport City Project 2026: अडानी का धमाका! इन 6 शहरों में बसाएगा नया ‘सुपर सिटी’, ₹20,000 करोड़ का ऐलान
Adani Airport City Project 2026: अडानी का ₹20,000 करोड़ मेगा प्लान बदलेगा 6 शहरों की तस्वीर
Adani Airport City Project 2026
Adani Airport City Project 2026: आधुनिक जीवन शैली के अनुरूप ढल रहे हवाई अड्डे अब सिर्फ उड़ान भरने और उतरने की जगह नहीं रहेंगे। आने वाले वर्षों में इनके आसपास आधुनिक बिजनेस सेंटर, होटल, शॉपिंग मॉल, कॉर्पोरेट ऑफिस और मनोरंजन हब विकसित होते नजर आएंगे। अडानी ग्रुप ने देश के विमानन और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा दांव खेलते हुए 'एयरपोर्ट सिटी' परियोजनाओं के लिए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश का ऐलान किया है। इस योजना से मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर और गुवाहाटी जैसे शहरों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, लाखों वर्गफुट में नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
क्या है अडानी ग्रुप की नई योजना?
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी अडानी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड (AACL) इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विकसित करेगी। पहले चरण में छह प्रमुख एयरपोर्ट के आसपास 655 एकड़ से अधिक भूमि पर आधुनिक कमर्शियल और लाइफस्टाइल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इस दौरान करीब 2.2 करोड़ वर्गफुट क्षेत्र विकसित करने की योजना है।
यह निवेश सिर्फ भवन बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एयरपोर्ट के आसपास पूरे आर्थिक इकोसिस्टम को विकसित करने पर जोर होगा।
मुंबई और नवी मुंबई पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
इस परियोजना का सबसे बड़ा हिस्सा मुंबई और नवी मुंबई में विकसित किया जाएगा। इन दोनों क्षेत्रों में अडानी ग्रुप के पास लगभग 440 एकड़ जमीन उपलब्ध है। कुल निवेश का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा यहीं लगाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पूरी तरह चालू होने के बाद यह इलाका देश के सबसे बड़े बिजनेस और कॉर्पोरेट हब में शामिल हो सकता है। इससे आसपास की रियल एस्टेट, होटल, रिटेल और ऑफिस स्पेस की मांग भी तेजी से बढ़ने की संभावना है।
आखिर क्या होती है 'एयरपोर्ट सिटी'?
एयरपोर्ट सिटी का मतलब सिर्फ एयरपोर्ट परिसर का विस्तार नहीं होता। यह एक ऐसा आधुनिक शहरी क्षेत्र होता है, जहां यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इन परियोजनाओं में आमतौर पर होटल, शॉपिंग मॉल, बिजनेस पार्क, कॉर्पोरेट ऑफिस, कन्वेंशन सेंटर, प्रदर्शनी स्थल, रेस्टोरेंट, मनोरंजन केंद्र, मेडिकल सुविधाएं और कई अन्य व्यावसायिक सेवाएं विकसित की जाती हैं। इससे एयरपोर्ट केवल यात्रा का केंद्र नहीं रहता, बल्कि पूरे शहर की आर्थिक गतिविधियों का नया इंजन बन जाता है।
रोजगार और कारोबार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
एयरपोर्ट सिटी परियोजनाओं का सबसे बड़ा फायदा रोजगार के रूप में देखने को मिल सकता है। निर्माण कार्य से लेकर होटल, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, आईटी, सुरक्षा, हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर तक हजारों प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप, स्थानीय सप्लायर और सेवा प्रदाताओं को भी नए बिजनेस अवसर मिलने की उम्मीद है।
बेहतर कनेक्टिविटी होगी सबसे बड़ी ताकत
अडानी ग्रुप का कहना है कि इन एयरपोर्ट सिटी परियोजनाओं को मेट्रो, एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर के अन्य सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों और उद्योगों को भी आसान आवाजाही उपलब्ध कराना है।
बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी कमर्शियल हब की सबसे बड़ी जरूरत होती है और इसी कारण इन परियोजनाओं की योजना परिवहन नेटवर्क को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
दुनिया के सफल मॉडल से ली गई प्रेरणा
एयरपोर्ट सिटी का यह कॉन्सेप्ट दुनिया के कई देशों में पहले से सफल साबित हो चुका है। सिंगापुर का चांगी एयरपोर्ट, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नीदरलैंड्स का एम्स्टर्डम शिफोल और दक्षिण कोरिया का इंचियोन एयरपोर्ट इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इन एयरपोर्ट के आसपास विकसित कमर्शियल जोन ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी है और पर्यटन, व्यापार तथा विदेशी निवेश को भी बढ़ावा मिला है। भारत में भी इसी मॉडल को अपनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
पर्यावरण का भी रखा जाएगा ध्यान
कंपनी का दावा है कि सभी एयरपोर्ट सिटी परियोजनाओं को यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की ओर से 'लीड गोल्ड प्री-प्रमाणन (LEED Gold Pre-Certification) मिल चुकी है। यानी भवनों का डिजाइन ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, कम कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरण अनुकूल निर्माण मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। वहीं सतत विकास को ध्यान में रखते हुए ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का इस्तेमाल इन परियोजनाओं की खास पहचान होगी।
क्या कहते हैं अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के निदेशक जीत अडानी
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के निदेशक जीत अडानी का कहना है कि आधुनिक दौर में एयरपोर्ट केवल यात्रा की सुविधा नहीं देते, बल्कि उनके आसपास बड़े आर्थिक केंद्र विकसित किए जा सकते हैं। उनका मानना है कि इन परियोजनाओं से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर बनेंगे और संबंधित शहरों का समग्र विकास होगा। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि यदि यह योजना तय समय पर पूरी होती है तो भारत के कई शहरों की कारोबारी पहचान बदल सकती है। एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाले नए बिजनेस डिस्ट्रिक्ट विदेशी निवेश आकर्षित करेंगे, पर्यटन को बढ़ावा देंगे और शहरी अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देंगे। 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का यह निवेश सिर्फ रियल एस्टेट परियोजना नहीं, बल्कि भारत के भविष्य के शहरी विकास का एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रहा है।