Gig Workers के लिए बड़ी खुशखबरी! अब डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवरों को भी मिलेगा ESIC का बड़ा फायदा

ESIC News: प्रस्तावित योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को इलाज की सुविधा, दुर्घटना बीमा, मातृत्व लाभ और अन्य ज़रूरी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

Update:2026-06-27 12:22 IST

ESIC News: देश में तेजी से बढ़ रही गिग इकॉनमी (Gig economy) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अब गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी अपने सामाजिक सुरक्षा दायरे में शामिल करने की तैयारी में जुट गया है। अगर यह योजना लागू होती है तो फूड डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर, ई-कॉमर्स डिलीवरी पार्टनर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कार्य करने वाले फ्रीलांसर और अन्य गिग वर्कर्स (Gig workers) को भी हेल्थ इंश्योरेंस, दुर्घटना बीमा और कई अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का बड़ा फायदा मिल सकेगा।

समझिये ESIC की नई योजना के बारे में ?

सरकार और ESIC मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाकर तैयार कर रहे हैं, जिसके अंतर्गत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की तरह सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा सके। प्रस्तावित योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को इलाज की सुविधा, दुर्घटना बीमा, मातृत्व लाभ और अन्य ज़रूरी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

इसके साथ ही गिग वर्कर्स का एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का फायदा बहुत सरलता से पहुंचाया जा सके।

ई-श्रम पोर्टल से हो सकता है पंजीकरण

सरकार इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल का प्रयोग करने पर भी विचार कर रही है। अब ऐसा माना जा रहा है कि गिग वर्कर्स का पंजीकरण ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है, जिससे उनकी पहचान और फायदे वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो जाएगी। इस पहल से लाखों असंगठित क्षेत्र के श्रमिक पहली बार औपचारिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से बेहद आसानी से जुड़ सकते हैं।

तेजी से बढ़ रही है गिग इकॉनमी

भारत में ऑनलाइन फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स, कैब सर्विस और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ गिग इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है। मौजूदा वक़्त में देश में तकरीबन 1 करोड़ गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स कार्य कर रहे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी सालों में यह संख्या बढ़कर 2.5 करोड़ के आसपास पहुंच सकती है।

इसी तेजी से बढ़ते कार्यबल को गंभीरता से लेते हुए सरकार उनके लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम उठा रही है।

सरकार और कंपनियां मिलकर करेंगी काम

योजना को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार, ESIC और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्लेटफॉर्म कंपनियों से प्राप्त डेटा और ई-श्रम पोर्टल के रिकॉर्ड के आधार पर पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण किया जा सकता है, जिससे फायदा सीधे लाभार्थियों तक पहुंच सके।

अभी कई मुद्दों पर बड़ा निर्णय होना बाकी

हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले कई आवश्यक बिंदुओं पर अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है। इनमें यह तय करना शामिल है कि किन-किन गिग वर्कर्स को योजना का फायदा मिलेगा, फंडिंग की व्यवस्था कैसे होगी और एक से ज्यादा प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले कर्मचारियों को किस प्रकार कवर किया जाएगा।

अगर यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो पहली बार देश के करोड़ों गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की तरह सामाजिक सुरक्षा का फायदा मिलेगा। इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि भारत की तेजी से बढ़ती गिग इकॉनमी को भी नई मजबूती मिलेगी।

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