GST नियमों में फिर हो सकता है बड़ा बदलाव, कारोबारियों के लिए आसान होगी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया? 12 सितंबर को फैसला संभव
GST Council Meeting 2026: इन सबके बीच सबसे विशेष बात यह है कि GST काउंसिल की यह बैठक एक साल से अधिक वक़्त वक़्त के अंतराल के बाद होने जा रही है।
GST Council Meeting 2026: वस्तु एवं सेवा कर यानी GST को लेकर एक बार फिर बड़ा निर्णय हो सकता है। GST काउंसिल की 57वीं बैठक 12 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में केंद्र सरकार के साथ राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होंगे। बैठक से एक दिन पहले यानी 11 सितंबर को अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें प्रस्तावित परिवर्तनों और नियमों पर चर्चा की जाएगी।
इन सबके बीच सबसे विशेष बात यह है कि GST काउंसिल की यह बैठक एक साल से अधिक वक़्त वक़्त के अंतराल के बाद होने जा रही है। इससे पहले काउंसिल की बैठक 3 और 4 सितंबर 2025 को हुई थी। उस बैठक में जीएसटी की दरों और टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव किया गया था।
5 और 18 फीसदी के दो मुख्य स्लैब
22 सितंबर 2025 से जीएसटी का नया सिस्टम लागू किया गया था। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से 5 फीसदी और 18 फीसदी के दो टैक्स स्लैब बनाए गए हैं। वहीं, महंगी और कुछ विशेष वस्तुओं के लिए 40 फीसदी जीएसटी की व्यवस्था रखी गई है।
इससे पहले GST व्यवस्था में 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी के चार प्रमुख टैक्स स्लैब थे। पिछले परिवर्तन का मकसद टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने के साथ अलग-अलग वस्तुओं और सेवाओं पर कर का बोझ व्यवस्थित करना था।
बड़े कारोबारियों के लिए आसान हो सकता है GST रजिस्ट्रेशन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 12 सितंबर की बैठक में बड़े कारोबारियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (GST Registration Process) को सरल बनाने पर चर्चा हो सकती है। खास तौर पर उन कारोबारियों को राहत देने पर विचार किया जा सकता है, जिनके कारोबार में हर महीने 2.5 लाख रुपये से अधिक का टैक्स क्रेडिट पास किया जाता है।
फिलहाल बड़े कारोबारियों के जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरे देश में एक जैसी नहीं है। केंद्र और अलग-अलग राज्यों के जीएसटी विभाग अपने स्तर पर अलग-अलग प्रक्रियाएं अपनाते हैं। इससे कारोबारियों को कई बार अतिरिक्त कागजी कार्रवाई और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।
यदि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और एक समान बनाया जाता है, तो कारोबारियों के लिए GST अनुपालन यानी GST Compliance आसान हो सकता है।
GST रजिस्ट्रेशन कैंसिलेशन में भी बदलाव संभव
GST काउंसिल रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की प्रक्रिया को लेकर भी ऑटोमेशन और दूसरे बदलावों पर विचार कर सकती है। इसका मकसद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और एक जैसा बनाना हो सकता है।
छोटे कारोबारियों के लिए सरकार पहले ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान कर चुकी है। सितंबर 2025 की बैठक में छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारियों के लिए सरल जीएसटी रजिस्ट्रेशन स्कीम को मंजूरी दी गई थी। यह व्यवस्था 1 नवंबर से लागू हुई थी।
1.68 करोड़ कारोबार GST के अंतर्गत रजिस्टर्ड
जीएसटी सिस्टम के डेटा के आधार पर छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारियों को इस सरल व्यवस्था का बड़ा लाभ मिल सकता है। इसके अलावा ऐसे कारोबारी भी इस स्कीम का विकल्प चुन सकते हैं, जिनकी हर महीने की आउटपुट टैक्स देनदारी 2.5 लाख रुपये तक है।
फिलहाल देश में लगभग 1.68 करोड़ कारोबार जीएसटी के अंतर्गत रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में रजिस्ट्रेशन और कैंसिलेशन प्रक्रिया में होने वाला कोई भी बदलाव बड़ी संख्या में कारोबारियों को प्रभावित कर सकता है।
अब 12 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक पर कारोबारियों की नजर है। अगर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाने और नियमों को एक समान करने पर सहमति बनती है, तो इससे पूरे देश में कारोबार करने वाले लोगों के लिए जीएसटी से जुड़ी औपचारिकताएं बहुत आसान हो सकती हैं।