Milk Price Hike: आम आदमी को फिर से महंगाई का झटका! El Nino और कम वर्षा से बढ़ सकते हैं दूध के दाम

Milk Price Hike: उद्योग जगत का अनुमान है कि जुलाई या अगस्त तक दूध की कीमतों में 3 से 4 प्रतिशत तक और इजाफा हो सकता है।

Update:2026-06-20 10:55 IST

Milk Price Hike

Milk Price Hike: इस वक़्त पूरे देश में दूध की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद अब एक बार फिर आम नागरिकों को महंगाई का झटका लग सकता है। डेयरी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि अगर अल-नीनो (El Nino) के प्रभाव के कारण मानसून कमजोर रहता है और प्रमुख दुग्ध उत्पादक क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा होती है, तो आगामी महीनों में दूध के दामों में एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कुछ सप्ताह पहले अमूल, मदर डेयरी सहित कई प्रमुख डेयरी कंपनियों ने दूध की कीमतों में 2-3 प्रतिशत तक वृद्धि की थी। इस बढ़ोतरी का प्रभाव सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर पड़ा था। अब उद्योग जगत का अनुमान है कि जुलाई या अगस्त तक दूध की कीमतों में 3 से 4 प्रतिशत तक और इजाफा हो सकता है।

अल-नीनो के प्रभाव से इस साल वर्षा कम

विशेषज्ञों के अनुसार, अल-नीनो के प्रभाग से अगर वर्षा कम होती है तो इसका सब से बड़ा असर पशुओं के चारे और पानी की उपलब्धता पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में किसान अपने पशुधन की संख्या कम करने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिससे दूध उत्पादन में गिरावट आती है। उत्पादन घटने पर मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन पैदा होता है, जिसके कारण कीमतें बढ़ जाती हैं।

डेयरी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पराग मिल्क फूड्स के चेयरमैन देवेंद्र शाह ने कहा कि दूध की कीमतें पहले ही 2-3 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। अगर मानसून सामान्य नहीं रहता और चारे की कमी बढ़ती है, तो आने वाले कुछ महीनों में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि उद्योग लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

स्थिति को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने दी सलाह

महाराष्ट्र सरकार ने भी संभावित चारे के संकट को देखते हुए पशुपालकों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है। राज्य के पशुपालन आयुक्त किरण पाटिल ने कहा कि अल-नीनो के प्रभाव से चारे की कमी की संभावना को किसी भी हाल में अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने किसानों से चारे की फसलों की बेहतर योजना बनाने और पशुधन की देखभाल पर खास तौर से ध्यान देने की अपील की है।

हालांकि, सभी डेयरी कंपनियां फिलहाल स्थिति को लेकर अत्यधिक चिंतित नहीं हैं। अमूल का कहना है कि वह मानसून की प्रगति का आकलन करने के बाद ही कोई आखिरी फैसला लेगा। कंपनी के मुताबिक, फिलहाल चारे की उपलब्धता को लेकर कोई गंभीर संकट नहीं है और El Nino का दूध उत्पादन पर तत्काल असर दिखाई नहीं दे रहा है।

वहीं, मदर डेयरी ने भी कहा है कि वह अपने खरीद क्षेत्रों में मौसम और उत्पादन की स्थिति पर लगातार नजर बनाये हुए है। कंपनी आवश्यकता पड़ने पर वक़्त रहते ज़रूरी कदम उठाने की तैयारी कर रही है ताकि उपभोक्ताओं और किसानों दोनों पर प्रभाव को कम किया जा सके।

फिलहाल दूध उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन अगर मानसून उम्मीद के अनुसार नहीं रहा तो आगामी महीनों में दूध और उससे बने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में आम लोगों को एक बार फिर महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।

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