बजट 2026 पर उद्योग जगत की राय: कहीं संतोष, कहीं राहत की कमी

केंद्रीय बजट 2026 पर कानपुर, दिल्ली, नोएडा, पुणे समेत देशभर के उद्योग और व्यापार जगत ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस को सराहा।

Update:2026-02-01 17:29 IST

Industry Reaction on Budget 

Industry Reaction on Budget: केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर देश के अलग-अलग शहरों और उद्योग संगठनों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां एक ओर उद्योग जगत ने इसे दीर्घकालिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बताया है, वहीं छोटे व्यापारियों और रियल एस्टेट सेक्टर ने तात्कालिक राहत की कमी पर निराशा भी जताई है।

कानपुर: एमएसएमई पर फोकस का स्वागत

कानपुर के उद्यमियों ने बजट को भविष्यन्मुखी बताते हुए कहा कि एमएसएमई सेक्टर को बजट में प्राथमिकता देना सराहनीय है। उद्यमियों के अनुसार इक्विटी ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रुपये और ट्रेड गारंटी स्कीम का विस्तार सकारात्मक कदम हैं। हालांकि बैंक गारंटी छूट, जीएसटी में अतिरिक्त राहत और 45-दिवसीय भुगतान नियम में बदलाव न होने से कुछ निराशा भी रही।

दिल्ली: गांधीनगर मार्केट में औसत प्रतिक्रिया

दिल्ली के गांधीनगर मार्केट के व्यापारियों ने बजट को “औसत” करार दिया। उनका कहना है कि स्थानीय बाजारों और छोटे कारोबारियों के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ। हालांकि विदेश में पढ़ाई और यात्रा से जुड़े करों में राहत को कुछ व्यापारियों ने सकारात्मक बताया।

नोएडा: व्यापारियों और ज्वेलर्स की मिली-जुली राय

नोएडा के व्यापारियों का मानना है कि बजट में कुछ अच्छे संकेत हैं, लेकिन व्यापारियों के लिए सीधी राहत नहीं दिखती। ज्वेलर्स ने सोना-चांदी की कीमतों में आई गिरावट को ग्राहकों के लिए अवसर बताया, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों ने जीएसटी और मार्जिन से जुड़ी चिंताओं का जिक्र किया।

पुणे: तकनीक और एआई सेक्टर को बड़ा बढ़ावा

आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों ने बजट को भारत के डिजिटल भविष्य के लिए निर्णायक बताया। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, डेटा सेंटर्स को प्रोत्साहन और एआई पर फोकस को भारत को ग्लोबल टेक हब बनाने की दिशा में अहम कदम माना गया।

उद्योग संगठनों की राय

Confederation of Indian Industry (CII) ने बजट को “ग्रोथ-ओरिएंटेड” बताते हुए कहा कि हाई-स्पीड रेल, फ्रेट कॉरिडोर और जलमार्ग जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से कनेक्टिविटी और रोजगार दोनों बढ़ेंगे। वहीं रियल एस्टेट क्षेत्र की शीर्ष संस्था CREDAI ने किफायती आवास पर ठोस प्रावधान न होने पर निराशा जताई।

कॉरपोरेट सेक्टर की प्रतिक्रिया

Mahindra Group और Mercedes-Benz India जैसे बड़े कॉरपोरेट समूहों ने बजट में वित्तीय अनुशासन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस को सकारात्मक संकेत बताया। Biocon की चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने बायोफार्मा शक्ति पहल को भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने वाला कदम बताया।

कुल मिलाकर बजट 2026–27 को उद्योग जगत ने दीर्घकालिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के लिहाज से मजबूत माना है, जबकि छोटे व्यापारियों और रियल एस्टेट सेक्टर को तात्कालिक राहत की कमी खलती दिखी। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट का असर धीरे-धीरे और सेक्टर-वार सामने आएगा।

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