Chhattisgarh में फिर पेपर लीक का मामला! BSc कृषि के जेनेटिक्स पेपर पर उठे सवाल, पुलिस जांच की मांग

Chhattisgarh Paper Leak: विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक, ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ यानी APB विषय की परीक्षा 19 अगस्त को राज्य के 28 कृषि महाविद्यालयों में आयोजित की गई थी।

Update:2026-08-28 11:49 IST

Chhattisgarh Paper Leak

Chhattisgarh Paper Leak: छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी कृषि परीक्षा के एक और प्रश्नपत्र के कथित तौर पर लीक होने का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस जांच की मांग की है। मामला बीएससी कृषि के **‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’** विषय के प्रश्नपत्र से जुड़ा है।

19 अगस्त को 28 कृषि कॉलेजों में हुई थी परीक्षा

विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक, ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ यानी APB विषय की परीक्षा 19 अगस्त को राज्य के 28 कृषि महाविद्यालयों में आयोजित की गई थी। कथित पेपर लीक का मामला बुधवार को एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक में खबर प्रकाशित होने के बाद सामने आया।

विश्वविद्यालय की शिकायत के अनुसार, अखबार के एक पत्रकार ने सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी के साथ व्हाट्सऐप पर एक पीडीएफ साझा की थी। इस पीडीएफ में कथित तौर पर परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों और उनके उत्तर मौजूद थे। इसके बाद विश्वविद्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से जांच कराने का अनुरोध किया।

5 सदस्यीय समिति ने शुरू की जांच

मामले की आंतरिक जांच के लिए विश्वविद्यालय ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। प्रारंभिक जांच में समिति ने उन लिफाफों की जांच की, जिनमें प्रश्नपत्र एक कृषि महाविद्यालय को भेजे गए थे और परीक्षा के बाद उन्हें विश्वविद्यालय को वापस किया गया था।

विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि प्रथम दृष्टया कुछ लिफाफों के साथ छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। इनमें ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ का प्रश्नपत्र रखने वाला लिफाफा भी शामिल बताया गया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, छेड़छाड़ के ये संकेत पहले सामने आए एक कथित पेपर लीक मामले की पुलिस जांच में मिले संकेतों से मिलते-जुलते हैं।

पुलिस को सौंपे गए अहम सबूत

विश्वविद्यालय ने मामले से जुड़े दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए हैं। इनमें अखबार में प्रकाशित खबर की प्रतियां, कथित तौर पर लीक प्रश्न और उत्तर वाली पीडीएफ, मूल प्रश्नपत्र और पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट शामिल है।

तेलीबांधा थाना पुलिस ने भी शिकायत मिलने की पुष्टि की है। पुलिस अब उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

पहले भी रद्द हो चुकी हैं दो परीक्षाएं

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब IGKV की परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक के दो मामले पहले ही सामने आ चुके हैं। दुर्ग जिले के एक निजी महाविद्यालय के प्रोफेसर और पांच छात्रों को 22 अगस्त को कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की ‘एंटोमोलॉजी’ यानी कीट विज्ञान की परीक्षा रद्द कर दी गई थी। यह परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होनी थी, लेकिन परीक्षा की सुबह कथित पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया।

वहीं, 24 अगस्त को विश्वविद्यालय ने 7 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष की ‘प्लांट पैथोलॉजी’ यानी पादप रोग विज्ञान की परीक्षा भी रद्द कर दी। पुलिस जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय ने यह फैसला लिया था।

अब ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ के प्रश्नपत्र को लेकर सामने आए नए मामले ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ था या नहीं और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।

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