सरकारी स्कूलों की बदहाली पर मायावती का फूटा गुस्सा, Gen Alpha के समर्थन में BSP चीफ, बोलीं- बच्चों पर बल प्रयोग न करें

मायावती ने सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर सरकारों पर निशाना साधते हुए बच्चों की मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की।

Update:2026-08-20 14:28 IST

Mayawati: जैसे-जैसे उत्तर चुनाव 2027 का समय नजदीक आता जा रहा है, राजनीति पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। इस होने वाले चुनाव की खास बात ये देखने को मिल रही है कि राजनीतिक पार्टियां इस बार युवाओं पर खास ध्यान दे रही है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर सरकारों पर निशाना साधा है।

उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठानी पड़ रही है, जो चिंता की बात है। मायावती ने सरकारों से अपील की कि बच्चों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और उनके खिलाफ किसी तरह का बल प्रयोग न किया जाए।

स्कूलों की बदहाली पर बच्चों की आवाज

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि 2013 के बाद जन्मी पीढ़ी को 'जेन-अल्फा' कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इस पीढ़ी के स्कूली बच्चे और उनके माता-पिता बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ अच्छी शिक्षा चाहते हैं, लेकिन देश के कई हिस्सों में सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति उनके लिए बड़ी चिंता बनी हुई है।

उन्होंने खास तौर पर उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के राज्यों में स्कूलों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण बच्चे और उनके माता-पिता अब खुलकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।

स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की मांग

मायावती के मुताबिक, जिन बच्चों का समय पढ़ाई, खेलकूद और अपने भविष्य को बेहतर बनाने में बीतना चाहिए, उन्हें स्कूलों में जरूरी सुविधाओं के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने स्कूलों में भवन, पर्याप्त शिक्षक, पीने का पानी, शौचालय और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों की इन मांगों को सरकारों को समस्या के तौर पर नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था सुधारने के मौके के रूप में देखना चाहिए।

सरकारी स्कूलों की अनदेखी का लगाया आरोप

बीएसपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि अलग-अलग सरकारों ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय इसकी लगातार अनदेखी की गई।

मायावती ने सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने का विरोध करती रही है और शिक्षा के क्षेत्र में कमजोर तथा वंचित वर्गों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग करती रही है।

बाबा साहेब के 'शिक्षित बनो' संदेश का किया जिक्र

मायावती ने अपने बयान में डॉ. भीमराव आंबेडकर के ‘शिक्षित बनो’ के संदेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के लिए शिक्षा हमेशा से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीएसपी की सरकारों के दौरान वंचित और कमजोर वर्गों के कल्याण के साथ शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया था। उनके मुताबिक, शिक्षा के जरिए लोगों को सम्मान और बेहतर जीवन के अवसर मिल सकते हैं।

सरकारों से बच्चों पर कार्रवाई न करने की अपील

मायावती ने उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों की सरकारों से अपील की कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारों को सही नीति और नीयत के साथ स्कूलों की बुनियादी समस्याओं को दूर करने की दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए। साथ ही उन्होंने साफ कहा कि स्कूलों की सुविधाओं को लेकर आवाज उठा रहे बच्चों के खिलाफ बल प्रयोग करने से सरकारों को बचना चाहिए। उनके मुताबिक, बच्चों की बात सुनना और उनकी शिक्षा व्यवस्था बेहतर करना ही इस समस्या का उचित समाधान है।

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