1984 सिख दंगों के दोषी सज्जन कुमार की मौत, तिहाड़ जेल में बंद थे पूर्व कांग्रेस सांसद

पूर्व कांग्रेस सांसद और 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन हो गया।

Update:2026-08-20 13:47 IST

Sajjan Kumar: 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी और पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सज्जन कुमार तिहाड़ जेल में बंद थे और दंगों से जुड़े मामले में एक साथ कई उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

1984 के सिख विरोधी दंगों के बाद बने राजनीतिक विवादों में प्रमुख नाम रहे सज्जन कुमार के खिलाफ हिंसा से जुड़े कई अलग-अलग मामले चले थे। हालांकि 2026 की शुरुआत में उन्हें एक चर्चित मामले में बरी कर दिया गया था, लेकिन दो अन्य मामलों में दोषी ठहराए जाने और उम्रकैद की सजा के कारण वह जेल में ही रहे।

हाईकोर्ट ने माना था दोषी

दिसंबर 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट-1 में पांच सिखों की हत्या और स्थानीय गुरुद्वारे को जलाने से जुड़े मामले में निचली अदालत के 2013 के फैसले को पलट दिया था। हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को हत्या की साजिश और अपराध के लिए उकसाने का दोषी माना और उन्हें जीवन के बाकी समय तक जेल में रहने की सजा सुनाई। अपने महत्वपूर्ण फैसले में अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को 'मानवता के खिलाफ अपराध' बताया था।

2025 में सरस्वती विहार मामले में भी उम्रकैद की सजा

इसके बाद फरवरी 2025 में सज्जन कुमार को सरस्वती विहार मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें उस भीड़ के हमले में भूमिका के लिए दोषी ठहराया, जिसमें पिता-पुत्र जसवंत सिंह और तरुणदीप सिंह को जिंदा जला दिया गया था। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में मौत की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी अधिक उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

दोनों मामलों में मिली उम्रकैद की सजाएं एक साथ चलने वाली (concurrent) थीं। यानी एक मामले की सजा पूरी होने के बाद दूसरी सजा शुरू नहीं होनी थी। इसी वजह से 2026 की शुरुआत में एक अन्य मामले में बरी होने के बावजूद सज्जन कुमार जेल से बाहर नहीं आ सके।

Tags:    

Similar News