NEET Paper Leak Case: कब-कब NEET परीक्षा का पेपर हुआ लीक, जानें पूरी डिटेल
NEET Paper Leak Case: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद जांच तेज हो गई है। NTA ने एडवाइजरी जारी की है और पहले के पेपर लीक मामलों पर भी सवाल उठे हैं।
NEET Paper Leak Case
NEET Paper Leak Case: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। 3 मई 2026 को आयोजित इस परीक्षा के बाद कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों की आशंका सामने आई है, जिसके बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इस पूरे मामले में National Testing Agency (NTA) ने एडवाइजरी जारी कर छात्रों से अफवाहों से बचने और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी कई बार पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, प्रॉक्सी कैंडिडेट और अन्य अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। यही कारण है कि हर नए विवाद के साथ परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बहस तेज हो जाती है।
NEET UG 2026 पर क्यों मचा बवाल
3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा के चार दिन बाद NTA को कथित कदाचार और पेपर बिक्री से जुड़ी सूचनाएं मिलीं। इसके बाद 8 मई को यह मामला केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया। जांच के दौरान राजस्थान के सीकर, झुंझुनूं, देहरादून और केरल से जुड़े कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए हैं।राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के अनुसार, परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर करीब 150 पन्नों की एक पीडीएफ फाइल वायरल हुई थी, जिसमें लगभग 400 प्रश्न शामिल थे। शुरुआती जांच में पाया गया कि इनमें से करीब 120 प्रश्न असली परीक्षा पत्र से मेल खाते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि 300 में से लगभग 150 सवाल परीक्षा में हूबहू या मिलते-जुलते थे। हालांकि जांच एजेंसियां अभी इसे शुरुआती स्तर की जांच मान रही हैं और किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं। सभी डिजिटल सबूतों, चैट्स और नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
2024 में भी उठा था बड़ा विवाद
NEET-UG 2024 भी गंभीर विवादों से घिरा रहा था। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में जली हुई उत्तर पुस्तिकाओं से 68 प्रश्नों को रिकवर किया गया था, जो असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। जांच में झारखंड के हजारीबाग स्थित एक स्कूल का नाम सामने आया था, जहां से कथित रूप से प्रश्नपत्र लीक होने की बात कही गई थी। आरोप था कि परीक्षा सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के बजाय गलत तरीके से खोला गया। इस मामले के बाद जांच को Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दिया गया था। इस विवाद ने पूरे देश में हलचल मचा दी थी। कई छात्रों ने परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की, जबकि कुछ ने इसका विरोध किया था।
2021 में सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा
2021 में NEET परीक्षा में प्रॉक्सी कैंडिडेट बैठाने का बड़ा मामला सामने आया था। सीबीआई ने नागपुर के एक कोचिंग संस्थान और उसके संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप था कि कुछ उम्मीदवारों से मोटी रकम लेकर उनकी जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क दिल्ली और रांची तक फैला हुआ था। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ लंबे समय तक फरार रहे।
2022 में भी दर्ज हुआ था केस
17 जुलाई 2022 को आयोजित परीक्षा के बाद भी सॉल्वर गैंग से जुड़ा मामला सामने आया था। इस बार फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देने का आरोप लगा। दिल्ली और हरियाणा के कई परीक्षा केंद्रों पर इस तरह की गतिविधियां पाई गईं। बाद में सीबीआई ने छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और चार्जशीट दाखिल की।
2018 में भी सामने आया था फर्जीवाड़ा
2018 में दिल्ली के वेस्ट पटेल नगर स्थित एक एजुकेशन सेंटर पर आरोप लगा था कि वह छात्रों को परीक्षा पास कराने का झांसा देकर भारी रकम वसूलता था। इस मामले में भी जांच एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की थी और यह मामला भी लंबे समय तक चर्चा में रहा।
लगातार उठ रहे सवाल
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने National Testing Agency की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर नए विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों में असंतोष और चिंता बढ़ती जा रही है।