Ganesh Ji Ke Bhajan: हे शिवनंदन घर में आज पधारो जी, गणेश जी का सबसे सुंदर भजन

Ganpati Ji Ke Bhajan Lyrics: गणपति के शुभअवसर पर सुने भगवान गणेश जी के ये सुंदर भजन, दिल हो जाएगा खुश

Update:2025-08-26 12:59 IST

Ganesh Ji Ke Bhajan (Image Credit- Social Media)

Ganesh Ji Ke Gaane: गणपति का त्यौहार कल से शुरू होने वाला है। गणेश उत्सव भारत के हर एक क्षेत्र में मनाया जाता है। लेकिन सबसे ज्यादा धूमधाम से ये त्यौहार महाराष्ट्र में सेलिब्रेट किया जाता है। इसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। गणपति इस साल भारत वर्ष में 27 अगस्त 2025 को मनाई जा रही है। जिसकी तैयारियाँ आज से ही शुरू हो चुकी हैं। बता दे कि गणेश जी का जन्म भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष में हुआ था। यह उत्सव दस दिनों तक चलता है। अनंत चतुर्थी तक जिस दिन गणेश जी का विसर्जन किया जाता है। इस अवसर पर भक्तगण भगवान गणेश जी को अपने घर पर धूम-धाम से लाते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार गणेश जी को अपने घर पर रखते हैं। जबतक गणेश जी रहते हैं, तबतक भजन-कीर्तन और अन्य उत्सव का आयोजन किया जाता है। मंडालों से लेकर हर तरफ गणेश जी के गानों की आवजे सुनाई देती हैं। आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ही गणेश जी के पावन भजन लेकर आएं हैं। जिसे सुनने के बाद आपका मन भक्तिमय हो जाएगा। 

गणेश जी के भजन लिरिक्स  (Ganesh JI Ke Bhajan Lyrics In Hindi)-

हे गौरी नंदन तुमको वंदन (Hey Gauri Nandan Tumko Vandan Ganesh Song)-

हे गौरी नंदन तुझको वंदन,तेरा रूप निराला-2

सिध्दि सदन गज वदन विनायक, कृपा सिंधु सुंदर सब लायक,

ब्रम्हा विष्णु जपते निशदिन-2

तेरे नाम की माला

हे गोरी नंदन तुझको वंदन,तेरा रूप निराला

गोरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला ॥


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तेरी जय हो गणेश लिरिक्स (Teri Jai Ho Ganesh Lyrics In Hindi)-

तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश-2

प्रथमे गौरा जी को वंदना, द्वितीये आदि गणेश

त्रितिये सुमीरु शारदा, मेरे कारज करो हमेश 

तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश-2

किस जननी ने तुझे जनम दियो है-2

किसने दियो उपदेश,

तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश

माता गौरा ने तेनू जनम दियो है-2

शिव ने दियो उपदेश

तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश..


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हे शिवनंदन गणेश जी का भजन (Hey Shivnandan Ganesh Ji Bhajan)-

हे शिवनंदन घर में आज पधारो जी

मेरे सारे बिगड़े काज सवारो जी

हे शिवनंदन घर में आज पधारो जी

मेरे सारे बिगड़े काज सवारो जी

गं गणपतये नमो नमः-4

घी के दीपक चंदन माला

अर्पण है मोदक का निवाला

मोहक सूरत अति मनभावन

पार्वती सूत भोला-भाला

भाग्य विध्याता, बुद्धिदाता

प्रेम की दृष्टि सब जग ऊपर डारो जी

अपने भक्तो के तुम भाग्य सुधारो जी

हे शिवनंदन घर में आज पधारों जी

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