हर घंटे 5 मिनट की वॉक बदल सकती है आपकी लाइफ, नई स्टडी में सामने आया स्वस्थ्य रहने का सबसे आसान फॉर्मूला

5 Minute Walk Every Hour: हाल ही में आई एक ग्लोबल स्टडी के मुताबिक, यदि आप हर एक घंटे में केवल 5 मिनट का Walking Break लेते हैं, तो आप किसी भी शारीरिक और मानसिक नुकसान को पूरी तरह से बेअसर कर सकते हैं।

Update:2026-06-24 11:27 IST

5 Minute Walk Every Hour

5 Minute Walk Every Hour: आज की व्यस्तता भरी जिंदगी में लाखों करोड़ों लोग ऐसे हैं जो ऑफिस, स्कूल या घर पर पढ़ाई के दौरान लगातार 8 से 10 घंटे तक कुर्सी पर बैठे रह जाते हैं। कंप्यूटर स्क्रीन के सामने घंटों वक़्त बिताना अब आज की लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन यही आदत भविष्य में मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी तमाम गंभीर बिमारियों का कारण बन सकती है।

इसी बीच एक नई ग्लोबल स्टडी हुई है। इस खतरे से बचने का बहुत ही आसान और प्रभावी तरीका बताया है। शोध के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति हर घंटे केवल 5 मिनट के लिए उठकर टहल लेता है, तो उसे लंबे वक़्त तक लगातार बैठे रहने से होने वाले कई स्वास्थ्य से संबंधित जोखिमों को बहुत हद तक कम किया जा सकता है।

क्या कहती है नई शोध ?

हाल ही में प्रतिष्ठित ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में पब्लिश हुए एक अध्ययन में सामने आया है कि हाई-इनकम देशों के लोग औसतन हर दिन 11 से 12 घंटे बैठे रहते हैं। भारत में भी आईटी, कॉर्पोरेट और अन्य व्हाइट-कॉलर नौकरियों में काम करने वाले कर्मचारियों का बड़ा वर्ग इसी तरह की जीवनशैली अपना रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे वक़्त तक शारीरिक निष्क्रियता शरीर के मेटाबॉलिज्म को गंभीर रूप से प्रभावित करती है, जिससे मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और वक़्त से पहले मृत्यु का खतरा बढ़ सकता है।

19,000 से अधिक लोगों पर हुआ शोध

यह अध्ययन अमेरिका के नेशनल पब्लिक रेडियो (NPR) के 'बॉडी इलेक्ट्रिक चैलेंज' के अंतर्गत किया गया। इसमें 19,342 वयस्कों को दो हफ्ते तक वास्तविक परिस्थितियों में शामिल किया गया। प्रतिभागियों को अलग-अलग समय अंतराल पर उठकर चलने के आदेश दिए गए। अध्ययन के निष्कर्षों में सामने आया है कि हर 60 मिनट बाद 5 मिनट की वॉक प्रभावशीलता और व्यवहारिकता, दोनों के लिहाज से सबसे बेहतर विकल्प साबित हुई।

हर घंटे 5 मिनट चलने से मिलते हैं ये बड़े लाभ

शोधकर्ताओं के मुताबिक, पूरे दिन में छोटे-छोटे वॉक ब्रेक लेने से शरीर कई तरह से लाभान्वित होता है।

- ज्यादा वक़्त तक कुर्सी पर बैठे रहने से बढ़ने वाले ब्लड शुगर और शरीर में फैट जमा होने के खतरे को कम करने में सहायता मिलती है।

- रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही तरीके से पहुंचते हैं।

- मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और शरीर में जकड़न कम होती है।

- मानसिक तनाव कम होता है और थकान में भी कमी आती है।

- प्रतिभागियों ने बताया कि छोटे वॉक ब्रेक लेने के बाद उनका मूड पहले से बेहतर महसूस हुआ।

- सबसे अहम और बड़ी बात यह रही कि इन ब्रेक्स का कर्मचारियों की कार्यक्षमता या काम की गुणवत्ता पर कोई नकारात्मक रूप से कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

किस प्रकार काम करता है यह तरीका?

अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों को 30 मिनट, 60 मिनट और 120 मिनट के बीच में ब्रेक लेने के लिए कहा गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग हर घंटे नियमित रूप से 5 मिनट चलते रहे, उनके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहा और लंबे वक़्त तक बैठने से होने वाले दुष्प्रभाव अपेक्षाकृत कम देखे गए।

विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर को लगातार एक ही स्थिति में रखने के बजाय थोड़ी-थोड़ी देर में सक्रिय रखना मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखता है। यही वजह है कि सिर्फ 5 मिनट की हल्की चहलकदमी भी शरीर पर सकारात्मक रूप से बड़ा प्रभाव डालती है।

पब्लिक हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

रिसर्चर्स का मानना है कि इस सरल आदत को सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। अगर कंपनियां अपने कर्मचारियों को नियमित रूप से वॉक ब्रेक लेने के लिए प्रोत्साहित करें, तो इससे कर्मचारियों की स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ-साथ उनकी उत्पादकता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोग अपने मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या कंप्यूटर में हर घंटे का रिमाइंडर सेट करें। अलार्म बजते ही कुछ मिनट के लिए सीट से उठें, थोड़ा टहलें, पानी पिएं या ऑफिस के कॉरिडोर में हल्की वॉक ज़रूर कर लें।

छोटी आदत, बड़ा लाभ

आज की व्यस्त जीवनशैली में प्रतिदिन लंबी एक्सरसाइज करना हर किसी के लिए संभव नहीं है। ऐसे में हर घंटे केवल 5 मिनट की वॉक जैसी छोटी आदत भी लंबे समय में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायता करती है, बल्कि मानसिक ताजगी, ऊर्जा और कार्यक्षमता बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका निभाती है। अगर आप भी दिन का ज्यादातर वक़्त बैठकर बिताते हैं, तो आज से ही इस बेहद सरल नियम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक छोटा लेकिन प्रभावी कदम बढ़ाएं।

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