बैलेट पेपर से चुनाव, फिर भी ढह गया YSRCP का किला! आंध्र निकाय चुनाव में चंद्रबाबू का बड़ा धमाका
Andhra Local Body Election: आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में TDP गठबंधन की बड़ी जीत के बीच जगन मोहन रेड्डी ने बैलेट पेपर से मतदान के बावजूद धांधली के आरोप लगाए। जानिए YSRCP को अपने गढ़ में कितनी सीटें मिलीं।
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Andhra Local Body Election: आंध्र प्रदेश की राजनीति में स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों ने बड़ा सियासी बदलाव दिखाया है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ने ज्यादातर नगर निगमों और नगरपालिकाओं में बढ़त बनाई है। खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) को उनके अपने गढ़ में भी बड़ा झटका लगा है। जगन मोहन रेड्डी के गृह जिले वाईएसआर कडप्पा में पार्टी महज सात नगरपालिका वार्डों पर जीत हासिल कर सकी। वहीं, उनके गृह विधानसभा क्षेत्र पुलिवेंदुला में भी टीडीपी उम्मीदवार ने अध्यक्ष पद का चुनाव बड़े अंतर से जीत लिया।
बुधवार सुबह तक आए नतीजों के मुताबिक, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 13 नगर निगमों में से सात पर जीत दर्ज की थी और पांच अन्य में आगे चल रहा था। वहीं, 86 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में से 75 पर गठबंधन ने जीत हासिल की। छह अन्य निकायों में गठबंधन आगे था। इसके अलावा 17 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में गठबंधन के अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए।
हालांकि, चुनावी नतीजों के बाद वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकार, पुलिस और राज्य चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए चुनावी सुधारों की मांग की है।
जगन मोहन रेड्डी के गृह जिले में YSRCP को बड़ा झटका
इन चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा वाईएसआर कडप्पा जिले के नतीजों की हो रही है। यह जिला वाईएसआर कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी का गृह जिला भी है। लेकिन इस बार यहां पार्टी का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा।
जिले के कुल 279 नगरपालिका वार्डों में वाईएसआरसीपी महज सात सीटें जीत सकी। दूसरी तरफ टीडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने जिले की छह नगरपालिकाओं में निर्विरोध जीत हासिल की। इसके अलावा गठबंधन के उम्मीदवारों ने जिले की सात अन्य नगरपालिकाओं में भी जीत दर्ज की।
सबसे बड़ा झटका जगन मोहन रेड्डी के गृह विधानसभा क्षेत्र पुलिवेंदुला में लगा। यहां टीडीपी की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार तुगुतला गीता कुमारी ने 13,875 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। यह नतीजा इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि पुलिवेंदुला को लंबे समय से वाईएसआरसीपी का मजबूत इलाका माना जाता रहा है।
20 वार्डों में से 17 पर गठबंधन का कब्जा
वाईएसआर कडप्पा जिले में सत्तारूढ़ गठबंधन का प्रदर्शन वार्ड स्तर पर भी मजबूत रहा। यहां जिन 20 वार्डों में मतदान हुआ था, उनमें से 17 पर गठबंधन के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। वहीं, वाईएसआरसीपी को सिर्फ तीन वार्डों में सफलता मिली।
दूसरी तरफ राज्य के कुछ इलाकों में वाईएसआरसीपी ने भी जीत दर्ज की। पार्टी ने नंदिकोटकुर नगरपालिका अपने नाम की, जबकि नायडूपेटा और बेथमचेरला की दो अन्य नगरपालिकाओं में वह आगे चल रही थी। अनंतपुर नगर निगम में भी पार्टी जीत हासिल करती दिखाई दी।
2021 के चुनाव से इस बार कितने बदले हालात?
इन नतीजों को समझने के लिए 2021 के नगरपालिका चुनावों पर भी नजर डालना जरूरी है। उस समय वाईएसआरसीपी ने 87 में से 86 नगरपालिकाओं में जीत हासिल की थी। इतना ही नहीं, राज्य के सभी 13 नगर निगमों पर भी पार्टी का कब्जा रहा था।
लेकिन इस बार तस्वीर काफी अलग दिखाई दे रही है। टीडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने ज्यादातर शहरी निकायों में जीत और बढ़त हासिल की है। वहीं, जगन मोहन रेड्डी की पार्टी को अपने मजबूत माने जाने वाले इलाकों में भी हार का सामना करना पड़ा है।
अध्यक्ष पद के लिए 87 सीटों पर हुआ था मुकाबला
नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए कुल 87 सीटों पर चुनाव होने थे। इनमें से 17 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। बाकी 70 सीटों पर चुनावी मुकाबला हुआ।
वहीं, राज्य के 13 नगर निगमों में से श्रीकाकुलम नगर निगम और अमदालावलसा नगरपालिका में अदालत में मामले लंबित होने के कारण चुनाव नहीं कराए जा सके। इसके अलावा नेल्लिमर्ला और सालूर में टीडीपी के बागी उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर अध्यक्ष पद अपने नाम किया।