Assam to Introduce UCC Bill: असम विधानसभा में 26 मई को पेश होगा UCC बिल

Assam to Introduce UCC Bill: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि 26 मई को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) पेश की जाएगी। इस प्रस्तावित कानून से राज्य के जनजातीय समुदायों को बाहर रखा गया है।

Update:2026-05-13 17:24 IST

Himanta Biswa Sarma Statement (Image Credit-Social Media)

Assam to Introduce UCC Bill:   असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य की शासन व्यवस्था और सामाजिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि आगामी विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को स्पष्ट किया कि 21 मई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान सरकार 26 मई को सदन के पटल पर इस महत्वपूर्ण विधेयक को रखेगी। यह निर्णय उनके दूसरे कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक के बाद लिया गया है, जो गुवाहाटी के कोइनाधारा में आयोजित की गई थी।

प्रस्तावित कानून की संवेदनशीलता और राज्य की जनसांख्यिकीय संरचना को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असम के आदिवासी समुदायों को समान नागरिक संहिता के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जाएगा। सरकार का यह रुख दर्शाता है कि वह जनजातीय समुदायों के संवैधानिक सुरक्षा उपायों और उनकी पारंपरिक प्रथाओं को अक्षुण्ण रखने के लिए प्रतिबद्ध है। असम अब उत्तराखंड के बाद उन चुनिंदा राज्यों की श्रेणी में शामिल होने जा रहा है, जो अपने स्तर पर इस कानून को लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

चुनावी घोषणापत्र बनेगा विकास का रोडमैप

कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि उनकी नई सरकार की प्राथमिकताएं और नीतिगत ढांचे पूरी तरह से भाजपा के चुनावी घोषणापत्र यानी 'संकल्प पत्र' पर आधारित होंगे। उन्होंने इस दस्तावेज को प्रशासन के लिए नीति-निर्माण की आधारशिला बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का पूरा ध्यान विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे के विस्तार, जन कल्याणकारी योजनाओं और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर रहेगा, जैसा कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से वादा किया गया था।

नई सरकार की पहली कैबिनेट में अहम चर्चा

शपथ ग्रहण के बाद आयोजित इस पहली औपचारिक कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री के साथ चार प्रमुख मंत्री—रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, अजंता नेओग और चरण बोडो शामिल हुए। बैठक के दौरान राज्य के शासन से जुड़े प्रमुख मुद्दों, विधायी एजेंडे और विकास की नई पहलों पर विस्तृत चर्चा की गई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में आगामी कार्यकाल के लिए एक ठोस कार्यान्वयन योजना (रोडमैप) तैयार करने पर सहमति बनी है, ताकि चुनावी वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

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