युवाओं ने पलट दिया पूरा खेल! बिहार चुनाव से पहले आये सटीक Opinion Poll... जानिये कौन आगे, कौन पीछे?

Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर है। जानें इस चुनावी जंग में कौन आगे, कौन पीछे।

Update:2025-11-05 08:37 IST

Bihar Assembly Election 2025: बिहार में सियासी पारा अब आसमान पर है। हर गली-मोहल्ले में बस एक ही सवाल गूंज रहा है “इस बार कौन?” जैसे-जैसे मतदान की घड़ी नजदीक आ रही है, चुनावी सरगर्मी और भी तेज होती जा रही है। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और राजद-कांग्रेस गठबंधन वाले महागठबंधन के बीच मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प हो चला है। लेकिन पोलस्ट्रैट के ताजा ओपिनियन पोल ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। सर्वे के मुताबिक, एनडीए एक बार फिर सत्ता में आरामदायक वापसी करता दिख रहा है।

एनडीए के लिए साफ राह, महागठबंधन को झटका

IANS के हवाले से आए पोलस्ट्रैट सर्वे ने बिहार की सियासत में बड़ा संकेत दे दिया है। सर्वे के अनुसार, एनडीए को करीब 44.80% वोट शेयर मिलता दिख रहा है, जबकि महागठबंधन 38.60% पर सिमट सकता है। यानी लगभग 6% वोटों का अंतर, जो नतीजों में भी भारी फर्क डाल सकता है। सर्वे के मुताबिक, एनडीए 133 से 142 सीटें जीत सकता है, जबकि महागठबंधन को 80 से 88 सीटों पर ही सिमटना पड़ सकता है। बीजेपी को 70-72 सीटें, जेडीयू को 53-56 सीटें, एलजेपी (रामविलास) को 10-12 सीटें और हम को 0-2 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

महागठबंधन की चुनौती: युवाओं के सहारे वापसी की कोशिश

महागठबंधन की सबसे बड़ी उम्मीद युवा वोट बैंक पर टिकी है। 18 से 25 साल की उम्र के मतदाता बड़ी संख्या में इस बार निर्णायक भूमिका निभाने जा रहे हैं। सर्वे के मुताबिक, इस आयु वर्ग में महागठबंधन को 40.73% वोट शेयर मिलने की संभावना है, जो एनडीए से थोड़ा आगे है। हालांकि, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, एनडीए का वोट प्रतिशत लगातार मजबूत होता दिखता है। 26 से 40 आयु वर्ग में 43.18%, जबकि 41 से 59 वर्ष के बीच 47% से अधिक लोग एनडीए के साथ हैं। वरिष्ठ मतदाताओं में भी एनडीए की लोकप्रियता बरकरार है।

जन सुराज: बिहार की राजनीति में नया समीकरण

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बिहार की सियासत में नई ताकत बनकर उभर रही है। पोलस्ट्रैट सर्वे में यह पार्टी खासतौर पर युवाओं के बीच चर्चा में है। 18 से 25 वर्ष की उम्र के मतदाताओं में 12% से अधिक लोगों ने जन सुराज को अपनी पसंद बताया है। यह संकेत है कि पीके की पार्टी भले ही सीटों के लिहाज से बड़ी चुनौती न बने, लेकिन वोट शेयर में वह पारंपरिक दलों की नींद जरूर उड़ा रही है।

चाणक्य स्ट्रैटेजीज सर्वे ने भी दी एनडीए को बढ़त

पोलस्ट्रैट के साथ-साथ चाणक्य स्ट्रैटेजीज ने भी अपने सर्वे में एनडीए की बढ़त की पुष्टि की है। इस सर्वे के अनुसार, 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए को 128-134 सीटें और महागठबंधन को 102-108 सीटें मिलने की उम्मीद है। वहीं, ओवैसी की एआईएमआईएम, पशुपति पारस की आरएलजेपी और अन्य छोटे दलों को कुल 0 से 3 सीटों तक सीमित बताया गया है।

जनता के मूड पर टिकी सत्ता

बिहार की सियासत हमेशा अप्रत्याशित रही है। आंकड़े कुछ कहते हैं, लेकिन जनता हर बार कहानी बदल देती है। इस बार भी सबकी निगाहें युवाओं पर हैं। वही तय करेंगे कि बिहार में फिर “डबल इंजन” की सरकार बनेगी या “महागठबंधन” अपनी वापसी करेगा। फिलहाल, पोलस्ट्रैट का सर्वे यही कहता है कि एनडीए आगे है, लेकिन मुकाबला अब भी रोमांचक है।


Note: यह ओपिनियन पोल MATRIZE-IANS, POLSTRAT–People’s Insight और Chanakya Strategies द्वारा तैयार किए गए हैं। यह सर्वे Newstrack द्वारा नहीं कराया गया है।

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