Bihar MLC तो शुरूआत है..., BJPने पवन सिंह को लेकर बनाया ये ‘सीक्रेट प्लान’! 2029 में होगा ‘बड़ा खेला’

Bihar MLC Elections: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार और लोकप्रिय गायक पवन सिंह की राजनीति में सक्रिय भूमिका को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं।

Update:2026-06-08 11:40 IST

Pawan Singh

Bihar MLC Elections: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार और लोकप्रिय गायक पवन सिंह की राजनीति में सक्रिय भूमिका को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। अब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें विधान परिषद का उम्मीदवार बनाकर उनकी राजनीतिक यात्रा को नई दिशा दे दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला भाजपा और पवन सिंह दोनों के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है।  हाल के वर्षों में पवन सिंह का नाम कई राजनीतिक और व्यक्तिगत विवादों से जुड़ा रहा है। ऐसे में सीधे किसी बड़े चुनावी मैदान में उतारने के बजाय भाजपा ने उन्हें पहले उच्च सदन के जरिए राजनीति में स्थापित करने का रास्ता चुना है। इसे उनके राजनीतिक करियर का शुरुआती चरण माना जा रहा है।

विवादों के कारण टलती रही चुनावी एंट्री

पवन सिंह पहले लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाए गए थे, लेकिन कुछ विवादों के चलते उनकी उम्मीदवारी चर्चा में आ गई। इसके बाद बिहार विधानसभा चुनावों में भी उनके सक्रिय होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन निजी जीवन से जुड़े घटनाक्रम और उनकी पत्नी ज्योति सिंह द्वारा चुनाव लड़ने की घोषणा ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए।  इन परिस्थितियों में भाजपा ने उन्हें किसी प्रत्यक्ष चुनावी मुकाबले से दूर रखते हुए विधान परिषद के रास्ते राजनीति में आगे बढ़ाने का फैसला किया।

MLC बनना बड़ी मंजिल की ओर पहला कदम

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि MLC बनना पवन सिंह के लिए किसी तरह का डिमोशन नहीं है, बल्कि यह एक बड़ी राजनीतिक भूमिका की तैयारी है। संभावना जताई जा रही है कि भाजपा उन्हें 2029 के लोकसभा चुनाव में बिहार की आरा सीट से उम्मीदवार बना सकती है। हाल ही में जगदीशपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे पवन सिंह का जोरदार स्वागत हुआ। वहां बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने “आरा का सांसद कैसा हो, पवन सिंह जैसा हो” के नारे लगाए, जिससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

तीन साल में होगा राजनीतिक प्रशिक्षण

लोकसभा चुनाव में अभी लगभग तीन वर्ष का समय है। इस दौरान भाजपा पवन सिंह को एक जनप्रतिनिधि और संगठनात्मक नेता के रूप में तैयार करने की कोशिश करेगी। पार्टी चाहती है कि वे केवल एक लोकप्रिय कलाकार नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा बनकर उभरें। राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के जरिए उनकी छवि को मजबूत किया जाएगा, जिससे भविष्य में चुनावी चुनौतियों का सामना करना आसान हो सके।

बिहार और यूपी दोनों में भाजपा को मिलेगा लाभ

भाजपा को उम्मीद है कि पवन सिंह की लोकप्रियता बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर और सासाराम जैसे क्षेत्रों में एनडीए को मजबूत करेगी। साथ ही उनकी स्टार अपील का उपयोग उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के चुनाव प्रचार में भी किया जा सकता है। भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में पहले से सक्रिय भाजपा सांसदों जैसे मनोज तिवारी और रवि किशन के साथ पवन सिंह का जुड़ाव पार्टी को सांस्कृतिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर मजबूती दे सकता है। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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