कॉकरोच, जंग लगे रैक और एक्सपायर्ड फूड...Blinkit के वेयरहाउस में मिलीं गंभीर खामियां, लाइसेंस सस्पेंड
Blinkit Food Licence Suspend: ब्लिंकिट के मालाड वेयरहाउस में बड़े पैमाने पर कॉकरोच, जंग लगे रैक और एक्सपायर्ड फूड मिलने के बाद महाराष्ट्र एफडीए ने ब्लिंक कॉमर्स का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया।
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Blinkit Food Licence Suspend: क्विक कॉमर्स ब्रांड ब्लिंकिट (Blinkit) का संचालन करने वाली कंपनी ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड (Blink Commerce Pvt Ltd) पर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Maharashtra FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है।
महाराष्ट्र एफडीए (Maharashtra FDA) ने ब्लिंकिट के मालाड वेस्ट स्थित परिसर का निरीक्षण करने के बाद उसका फूड लाइसेंस (Food Licence) सस्पेंड कर दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच में गंभीर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा उल्लंघन (Food Safety Violations) सामने आए हैं।
जांच के दौरान बड़े पैमाने पर कॉकरोच का प्रकोप (Cockroach Infestation), गलत तरीके से रखा गया खाद्य सामान, एक्सपायर्ड और छेड़छाड़ किए गए उत्पाद मिले हैं।
मालाड में मिलीं गंभीर खामियां
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने ब्लिंकिट के मालाड वेस्ट (Malad West) स्थित परिसर का निरीक्षण किया था। इस दौरान खाद्य पदार्थों के रखरखाव और साफ-सफाई को लेकर कई गंभीर खामियां मिलीं। परिसर में बड़े पैमाने पर कॉकरोच का संक्रमण पाया गया। खाद्य सामग्री को भी उचित तरीके से स्टोर नहीं किया गया था।
जांच के दौरान खाद्य पदार्थ जंग लगे रैक पर रखे हुए मिले। इसके अलावा कोल्ड स्टोरेज (Cold Storage) वाले हिस्सों में भी पर्याप्त साफ-सफाई नहीं थी। अधिकारियों को वहां एक्सपायर्ड या खराब हो चुके पैकेज्ड फूड (Expired or Spoiled Packaged Food) का स्टॉक मिला।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कुछ ऐसे उत्पाद भी मिले जिनसे छेड़छाड़ की गई थी। इन गंभीर खामियों के बाद महाराष्ट्र एफडीए ने ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के फूड लाइसेंस को सस्पेंड करने का फैसला लिया।
कॉकरोच से लेकर एक्सपायर्ड सामान तक
ब्लिंकिट के मालाड परिसर की जांच में बड़े स्तर पर कॉकरोच का संक्रमण मिला। इसके साथ ही खाद्य सामग्री को जंग लगे रैक पर रखने और कोल्ड स्टोरेज में साफ-सफाई की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
अधिकारियों को एक्सपायर्ड और खराब हो चुके पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का स्टॉक भी मिला। इसके अलावा कुछ उत्पादों से छेड़छाड़ किए जाने की बात भी जांच में सामने आई। इन सभी खामियों को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया।
ब्लिंकिट ने कार्रवाई पर नहीं दी प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र एफडीए की कार्रवाई के संबंध में पत्रकारों ने ब्लिंकिट से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की। हालांकि ब्लिंकिट ने एफडीए की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया के लिए किए गए फोन कॉल का जवाब नहीं दिया।
अमेजन के एक्सपायर्ड सामान पर भी HC का आदेश
इसी बीच महाराष्ट्र में एक दूसरे ई-कॉमर्स मामले (E-commerce Case) में बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने भी अहम निर्देश दिया है। सोमवार को अदालत ने अमेजन रिटेल इंडिया (Amazon Retail India) को अपने भिवंडी स्थित वेयरहाउस (Bhiwandi Warehouse) में मौजूद सभी एक्सपायर्ड और खराब हो चुके सामान को महाराष्ट्र एफडीए को सौंपने का निर्देश दिया।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमेजन रिटेल इंडिया के एक वेयरहाउस के खिलाफ महाराष्ट्र एफडीए की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे। अब अदालत ने एक्सपायर्ड और खराब सामान को एफडीए को सौंपकर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण (Scientific Disposal) करने का निर्देश दिया है।
अमेजन के वेयरहाउस का लाइसेंस भी हुआ था सस्पेंड
बॉम्बे हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे (Ravindra Ghuge) और न्यायमूर्ति गौतम अंखड (Gautam Ankhad) की पीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई की। अदालत ने महाराष्ट्र एफडीए को अमेजन की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए 27 अगस्त तक का समय दिया है।
अमेजन रिटेल इंडिया ने एफडीए की कार्रवाई के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। महाराष्ट्र एफडीए ने ठाणे जिले के भिवंडी स्थित अमेजन वेयरहाउस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस सस्पेंड किया था। आरोप था कि वेयरहाउस से एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के बजाय खुदरा बाजार (Retail Market) में भेजा जा रहा था।
अमेजन को एक्सपायर्ड सामान की इन्वेंट्री बनानी होगी
फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तौर पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमेजन को भिवंडी वेयरहाउस में रखे सभी एक्सपायर्ड और खराब सामान की इन्वेंट्री (Inventory) तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके बाद यह पूरा सामान संबंधित एफडीए अधिकारी को सौंपना होगा।
अदालत के निर्देश के मुताबिक एफडीए अधिकारी कानून के तहत इन सामान के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च अमेजन रिटेल इंडिया को ही उठाना होगा।
ब्लिंकिट और अमेजन से जुड़े इन दोनों मामलों में खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण (Food Storage), एक्सपायर्ड खाद्य सामान के निस्तारण और खाद्य सुरक्षा नियमों (Food Safety Rules) के पालन को लेकर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई सामने आई है।