ध्रुव राठी की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें! क्या है 8 साल पुराना मामला, जिसमें फिर भेजा जाएगा समन?

Dhruv Rathee Legal Trouble: यूट्यूबर ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। साकेत कोर्ट ने आठ साल पुराने मामले में गुरुग्राम पते पर नए सिरे से समन भेजने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।

Update:2026-10-14 20:49 IST

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Dhruv Rathee Legal Trouble: यूट्यूबर ध्रुव राठी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट (Saket Court) ने करीब आठ साल पुराने एक मामले में उनके गुरुग्राम स्थित पते पर नए सिरे से समन भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता को समन की तामील कराने वाले कर्मचारी के साथ जाने की भी अनुमति दे दी है।

अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी। कोर्ट के इस आदेश के बाद एक बार फिर ध्रुव राठी से जुड़े पुराने मामले की चर्चा तेज हो गई है।

शिकायतकर्ता को कर्मचारी के साथ जाने की अनुमति

यह नया समन विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे की पुरानी अर्जी पर जारी किया गया है। अदालत ने शिकायतकर्ता को समन तामील कराने वाले कर्मचारी के साथ जाने की अनुमति दी है, ताकि ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम स्थित पते पर समन की सही तरीके से डिलीवरी की जा सके।

अदालत के इस आदेश का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि समन संबंधित पते तक सही तरीके से पहुंचाया जाए और उसकी तामील की प्रक्रिया पूरी हो सके। अब इस मामले में 17 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई अहम मानी जा रही है।

क्या है 8 साल पुराना मामला?

दरअसल यह मामला साल 2018 में दर्ज आपराधिक मानहानि (Criminal Defamation) की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास सांक्रित्यायन उर्फ विकास पांडे ने ध्रुव राठी के खिलाफ शिकायत की थी। मामला ध्रुव राठी के ‘BJP IT Cell Part 2’ नाम के वीडियो से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि वीडियो में उनके खिलाफ ऐसे दावे किए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। यह मामला साकेत कोर्ट में CT Case No. 5786/2018 के तौर पर दर्ज है। 

अब फिर क्यों चर्चा में आया केस?

मामले में ध्रुव राठी को समन भेजने की कोशिश लंबे समय से चल रही थी। कोर्ट ने अक्टूबर 2026 में उनके गुरुग्राम स्थित पते पर नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता को प्रोसेस सर्वर के साथ जाकर समन की तामील कराने की अनुमति भी दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर 2026 को होनी है। theprint.in

ध्रुव राठी पर पहले से चल रहे कई मामले

ध्रुव राठी के खिलाफ यह पहला मामला नहीं है। उनके खिलाफ पहले से कई अन्य मामले भी चल रहे हैं। इनमें एक मामला बीजेपी नेता सुरेश करमशी नखुआ (Suresh Karamshi Nakhua) की ओर से दर्ज कराया गया मानहानि का केस (Defamation Case) भी है।

सुरेश करमशी नखुआ ने साकेत कोर्ट में ध्रुव राठी के खिलाफ 20 लाख रुपये का मानहानि केस दर्ज कराया हुआ है। उनका आरोप है कि ध्रुव राठी ने जुलाई 2024 में अपलोड किए गए अपने एक वीडियो में उन्हें ‘हिंसक और गालीबाज ट्रोलर’ कहा था।

इस मामले में जुलाई 2024 में जिला जज गुंजन गुप्ता की अदालत ने भी ध्रुव राठी को समन और नोटिस जारी किए थे।

सनातन धर्म पर टिप्पणी का भी विवाद

ध्रुव राठी से जुड़ा एक और मामला सनातन धर्म (Sanatan Dharma) और हिंदू देवी-देवताओं (Hindu Gods and Goddesses) पर कथित टिप्पणी को लेकर है। अमित सचदेव नामक शिकायतकर्ता ने ध्रुव राठी के एक वीडियो को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं और सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 196 और 299 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

जंतर-मंतर जाने से पहले भी हुई थी हिरासत

ध्रुव राठी को 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन (CJP Protest) में शामिल होने से पहले भी हिरासत में लिया गया था। दिल्ली-गुरुग्राम पुलिस ने उन्हें गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था।

करीब 22 घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। यह मामला भी ध्रुव राठी से जुड़े हालिया विवादों में शामिल है।

17 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर

अब साकेत कोर्ट के नए आदेश के बाद 17 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। आठ साल पुराने मामले में गुरुग्राम स्थित पते पर नए सिरे से समन भेजे जाने और शिकायतकर्ता को समन की तामील कराने वाले कर्मचारी के साथ जाने की अनुमति मिलने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।

ध्रुव राठी से जुड़े पहले से चल रहे मानहानि मामले और सनातन धर्म व देवी-देवताओं पर कथित टिप्पणी से जुड़े विवाद के बीच अब इस पुराने मामले में कोर्ट के नए आदेश ने उनकी कानूनी चुनौतियों को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

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