Disha Salian के पिता ₹500 करोड़ का नोटिस देने पहुंचे आदित्य ठाकरे के घर तो क्यों भड़के संजय राउत?
Disha Salian Case में नया सियासी बवाल खड़ा होता जा रहा है। पिता सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे को मातोश्री जाकर ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस दिया। संजय राउत ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया।
Disha Salian Case: दिशा सालियान की मौत का मामला छह साल बाद एक बार फिर महाराष्ट्र की सियासत के केंद्र में है। एक तरफ बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं दूसरी तरफ दिशा के पिता सतीश सालियान द्वारा शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस दिए जाने के बाद राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। शनिवार को सतीश सालियान अपने वकील के साथ उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' पहुंचे और नोटिस सौंपने की कोशिश की। आदित्य ठाकरे के वकील ने नोटिस स्वीकार कर लिया।
इस घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने तीखा हमला बोला। राउत ने सतीश सालियान के मातोश्री पहुंचने को 'प्योर ड्रामा' और 'चीप पब्लिसिटी' करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीबीआई पहले से मामले की जांच कर रही है और अदालत ने जांच को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं, तो फिर मातोश्री जाकर इस तरह का राजनीतिक टकराव पैदा करने की क्या जरूरत थी।
राउत का बड़ा आरोप- 'कोई और कर रहा है कंट्रोल'
संजय राउत ने दावा किया कि सतीश सालियान को कोई और 'कंट्रोल' कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक ताकतें काम कर रही हैं। राउत ने कुछ लोगों के लिए 'नेपाल कनेक्शन' और नशे से जुड़े होने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए, हालांकि उन्होंने अपने इन दावों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।
राउत ने यह भी कहा कि दिशा की मौत बेहद दुखद थी और शिवसेना (UBT) भी इस घटना को लेकर संवेदनशील है, लेकिन उनके मुताबिक छह साल बाद इस तरह मातोश्री पहुंचकर पूरे मामले को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने दिशा के पिता के रवैये पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि जांच एजेंसी को अपना काम करने देना चाहिए।
सतीश सालियान का पलटवार- 'कॉमन मैन की ताकत दिखाएंगे'
वहीं, सतीश सालियान का कहना है कि वह अपनी बेटी के मामले में न्याय और अपने परिवार की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने मातोश्री पहुंचने के दौरान कहा कि वह 'कॉमन मैन की ताकत' दिखाना चाहते हैं। उनके वकील नीलेश ओझा के मुताबिक, नोटिस में आदित्य ठाकरे के कथित बयानों को मानहानिकारक बताते हुए माफी और ₹500 करोड़ के हर्जाने की मांग की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सतीश सालियान और उनकी कानूनी टीम जब मातोश्री पहुंची तो वहां पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी और बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी मौजूद थे। नोटिस को लेकर वहां तनावपूर्ण स्थिति भी बनी। अंततः आदित्य ठाकरे के वकील ने नोटिस स्वीकार किया।
आदित्य ठाकरे का दावा- 'दिशा से कभी मिला ही नहीं'
इस पूरे विवाद के बीच आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि वह दिशा को न तो जानते थे और न ही कभी उनसे मिले। आदित्य ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को 'चरित्र हनन' की कोशिश बताया और कहा कि इस मामले में उनका नाम बार-बार जोड़ना तथ्यहीन अभियान है।
उद्धव ठाकरे ने भी हाल में अपने परिवार के खिलाफ चलाए जा रहे कथित चरित्र हनन अभियान पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद सतीश सालियान का ₹500 करोड़ का नोटिस इस राजनीतिक विवाद को और ज्यादा तीखा बना गया है।
छह साल बाद क्यों फिर गर्माया दिशा सालियान केस?
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। मुंबई पुलिस ने शुरुआत में मामले को दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट के तौर पर दर्ज किया था और बाद की जांच में मौत को आत्महत्या बताया था।
मामले ने इसलिए भी व्यापक राजनीतिक और मीडिया ध्यान खींचा क्योंकि दिशा की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं को लेकर वर्षों से अलग-अलग दावे और आरोप सामने आते रहे हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI जांच में नया मोड़
इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा ताजा घटनाक्रम बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश है। 2 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया। अदालत ने इस बात पर सवाल उठाए कि छह साल बीतने के बावजूद मुंबई पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी और जांच से जुड़े कुछ पहलुओं पर सवाल बने हुए हैं।
इसके बाद सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज की। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाईकोर्ट ने केंद्रीय एजेंसी को जांच करने का निर्देश देते हुए किसी व्यक्ति को पहले से आरोपी के तौर पर नामित करने के बजाय जांच के आधार पर आगे बढ़ने को कहा था।
सीबीआई की एफआईआर में आपराधिक साजिश, हत्या, गैंगरेप और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर आरोपों से संबंधित धाराएं शामिल होने की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, एफआईआर में किसी व्यक्ति को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया है और जांच अभी जारी है।
अब सियासी लड़ाई के साथ कानूनी लड़ाई भी तेज
दिशा सालियान के पिता की ओर से आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस और संजय राउत की तीखी प्रतिक्रिया ने मामले को एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में ला खड़ा किया है। एक तरफ सतीश सालियान अपने आरोपों और कानूनी कार्रवाई पर कायम हैं, वहीं ठाकरे परिवार इन आरोपों से इनकार कर रहा है। दूसरी तरफ सीबीआई की जांच अब इस मामले का सबसे अहम पहलू बन गई है।
ऐसे में आने वाले दिनों में सीबीआई की जांच, अदालत में होने वाली सुनवाई और ₹500 करोड़ के मानहानि नोटिस पर कानूनी प्रक्रिया यह तय करेगी कि यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।