'अदालत का समय...' दिल्ली कांड के बीच HC ने DU को दिया बड़ा झटका, हॉस्टल वाली याचिका पर सुनवाई से इंकार!
HC Reject DU Hostel Plea: सत्य निकेतन PG हादसे के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में DU छात्रों के लिए अनिवार्य हॉस्टल की मांग उठी। कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए MCD को हादसे की जांच के निर्देश दिए।
HC Reject DU Hostel Plea: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पेइंग गेस्ट (पीजी) इमारत के ढहने से हुए दर्दनाक हादसे की गूंज अब दिल्ली उच्च न्यायालय की दहलीज तक पहुंच गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय के हर कॉलेज में छात्रों के लिए अनिवार्य हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग वाली नई अर्जी पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को तुरंत सुनवाई करने से साफ मना कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण पर एक जनहित याचिका पहले से ही विचाराधीन है, इसलिए इस नई याचिका पर अलग से आपातकालीन सुनवाई का कोई औचित्य नहीं बनता।
मुख्य न्यायाधीश की सख्त टिप्पणी
चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ के समक्ष वकील ने याचिका को उसी दिन सूचीबद्ध करने का विशेष आग्रह किया था। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीठ ने टिप्पणी की कि याचिका अपने निर्धारित क्रम में बुधवार को ही सुनवाई के लिए आएगी। अदालत ने याचिकाकर्ता को कहा कि जब एक मुख्य याचिका पहले से प्रक्रिया में है, तो बार-बार अलग अर्जियां दाखिल कर समय नष्ट न किया जाए। अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि क्या अंतरिम आदेशों के माध्यम से नीतिगत स्तर पर इतना बड़ा निर्देश जारी किया जा सकता है?
DU हॉस्टलों का कड़वा सच
सत्य निकेतन की खौफनाक त्रासदी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में सुरक्षित और किफायती आवास के विशाल संकट को जगजाहिर कर दिया है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि डीयू के प्रमुख कॉलेजों में हॉस्टल की कुल क्षमता वहां पढ़ने वाले कुल विद्यार्थियों के 5 प्रतिशत हिस्से को भी पूरा नहीं कर पाती। उदाहरण के तौर पर, मिरांडा हाउस में 6,000 छात्राओं पर मात्र 360 सीटें हैं, किरोड़ीमल कॉलेज में 5,500 छात्रों के लिए केवल 180 कमरे हैं, हिंदू कॉलेज में 4,500 छात्राओं के बीच 170 सीटें उपलब्ध हैं, एसआरसीसी में 3,350 विद्यार्थियों पर 280 सीटें हैं और लेडी श्रीराम कॉलेज में 5,000 छात्राओं के लिए महज 150 हॉस्टल सीटें हैं। यही कमी निजी पीजी संचालकों को मनमानी करने का मौका देती है।
हाईकोर्ट ने MCD को दिए जांच के आदेश
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए इस दर्दनाक हादसे में 5 होनहार छात्रों समेत कुल 7 लोगों की जान चली गई थी। इस मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली नगर निगम को पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। अदालत ने नगर निगम प्रशासन से यह रिपोर्ट पेश करने को कहा है कि क्या ढही हुई बहुमंजिला इमारत का निर्माण, संरचनात्मक सुरक्षा और उसका व्यावसायिक पीजी के रूप में संचालन आवश्यक प्रशासनिक मंजूरियों के साथ किया जा रहा था या नहीं।