राहुल-प्रियंका और अखिलेश की खुली जीप में एंट्री, खचाखच भरा रामलीला मैदान; नड्डा ने भी बोला हमला
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत दिग्गज नेताओं का शक्ति प्रदर्शन। खुली जीप में निकले विपक्षी नेता, खचाखच भरे मैदान से बीजेपी पर हमला। जेपी नड्डा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर किया पलटवार।
नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की महारैली के दौरान विपक्षी दलों ने एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई दिग्गज नेता खुली जीप में सवार होकर रैली स्थल की ओर रवाना हुए। इस दौरान नेताओं की एक झलक पाने के लिए समर्थकों में भारी उत्साह नजर आया। रामलीला मैदान में भी बड़ी संख्या में लोग जुटे और पूरा मैदान खचाखच भरा दिखाई दिया।
रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, बिहार के नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। विपक्ष ने इस आयोजन को कथित 'वोट चोरी' और चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताया है। रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी प्रमुख मुद्दा रही।
वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का हमला
महारैली में राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि विपक्ष देश के सामने 'वोट चोरी' का पूरा इतिहास रखेगा। उन्होंने रैली के आर्थिक पहलू का भी जिक्र करते हुए कहा कि इससे दिल्ली के कारोबारियों का व्यापार बढ़ेगा। दरअसल, राहुल गांधी ने पहले ही रैली में आने वाले लोगों से अपील की थी कि वे विरोध प्रदर्शन के साथ दिल्ली के स्थानीय बाजारों से खरीदारी भी करें, ताकि छोटे व्यापारियों को फायदा हो।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी इस रैली से घबराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं को रैली में लगने वाली कुर्सियों तक की गिनती करने की चिंता सता रही है। प्रतापगढ़ी ने कहा कि देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नाराजगी है और बीजेपी इसी जनाक्रोश से डरी हुई है।
पंजाब कांग्रेस के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने में जुटी है। 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाए जाने पर उन्होंने बीजेपी से सवाल किया कि 12 साल सत्ता में रहने के बावजूद पीड़ितों को न्याय क्यों नहीं मिला?
जेपी नड्डा का पलटवार, 1984 दंगों की दिलाई याद
दूसरी तरफ, INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर बीजेपी ने भी विपक्ष पर तीखा पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत कोई 'बनाना रिपब्लिक' नहीं है, जहां कोई भी आगजनी, दंगे या सत्ता परिवर्तन का एजेंडा चला सके। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को ऐसे सपने देखना बंद कर देना चाहिए।
नड्डा ने 1 नवंबर की तारीख का जिक्र करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद दिलाई। उन्होंने कांग्रेस पर हजारों सिखों की हत्या और परिवारों को उजाड़ने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि गांधी परिवार ने आज तक सिख समुदाय से माफी नहीं मांगी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस दिन देश को दंगों के पीड़ितों को याद करना चाहिए, उस दिन राहुल गांधी रामलीला मैदान में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाने में लगे हैं।
दिल्ली में आमने-सामने विपक्ष और बीजेपी
इस बीच दिल्ली में राजनीतिक टकराव भी तेज हो गया है। INDIA गठबंधन की रैली के समानांतर बीजेपी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों की याद में पश्चिमी दिल्ली में मार्च आयोजित किया। इस तरह राजधानी में एक ही दिन दो अलग-अलग राजनीतिक अभियानों के जरिए कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं।
INDIA गठबंधन की महारैली का मुख्य एजेंडा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों को उजागर करना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है। शनिवार को विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' भी पारित किया था। अब रामलीला मैदान से विपक्ष केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान और तेज करने की कोशिश में है।