दूध की कीमत 10 रुपये तक की बढ़ोतरी! महंगाई की मार के बीच इस राज्य में आम जनता की बढ़ी टेंशन

प्रस्ताव पर मंगलवार दोपहर होने वाली कैबिनेट बैठक में फैसला होने की संभावना है। मंजूरी के बाद नई दरों और उनके लागू होने की तारीख को लेकर औपचारिक घोषणा की जा सकती है।

Update:2026-10-06 12:03 IST

Milk Price Hike: कर्नाटक में दूध खरीदने वाले लोगों को जल्द ही ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। राज्य सरकार दूध के दाम में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक इजाफा करने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव पर मंगलवार दोपहर होने वाली कैबिनेट बैठक में फैसला लिया जा सकता है। अगर कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है तो सरकार की ओर से नई कीमतों को लेकर औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

फिलहाल प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगना बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद ही यह तय होगा कि नई दरें किस तारीख से लागू होंगी और दूध की अलग-अलग कैटेगरी के लिए कितनी कीमत निर्धारित की जाएगी। प्रस्ताव में 8 रुपये से लेकर 10 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी का विकल्प रखा गया है, ऐसे में कैबिनेट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

दूध की कीमत बढ़ाने की मांग

कर्नाटक में दूध की कीमत बढ़ाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) से जुड़े 16 सहकारी दुग्ध संघों ने सरकार से दूध के दाम में करीब 12 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी करने की मांग की है। हालांकि, संघों की ओर से नंदिनी दूध की खरीद और खुदरा कीमत में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का आग्रह किया गया है। दुग्ध संघों का कहना है कि पशु चारा, हरा चारा, दवाइयों और डेयरी से जुड़े दूसरे खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में किसानों से दूध खरीदने की लागत भी बढ़ गई है और इसका सीधा असर दुग्ध संघों पर पड़ रहा है।

10 साल में पशु चारे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी

इसी मांग को लेकर दुग्ध यूनियनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में विधान सौध में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पिछले 10 साल में पशु चारे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी, एक लीटर दूध तैयार करने की लागत, अलग-अलग जिलों में दूध के उत्पादन और बिक्री के आंकड़े जुटाने को कहा। उन्होंने यह भी जानकारी मांगी कि दुग्ध यूनियन कितनी मात्रा में दूध खरीद रही हैं और पड़ोसी राज्यों में दूध की खरीद और बिक्री किस कीमत पर हो रही है। दूसरी ओर, आज की कैबिनेट बैठक में बस किराए में बदलाव के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। राज्य में करीब दो साल से बस किराए में बदलाव नहीं हुआ है, जबकि डीजल और दूसरी परिचालन लागत बढ़ने से चार परिवहन निगम घाटे का सामना कर रहे हैं।

बेंगलुरु शहरी, ग्रामीण और रामनगर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक सोसायटी यूनियन लिमिटेड के चेयरमैन डी.के. सुरेश ने कहा कि डेयरी किसानों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। उनके मुताबिक सूखे की स्थिति और फसल खराब होने से किसानों की आमदनी पर असर पड़ा है, वहीं चारे की उपलब्धता कम होने से पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं। सुरेश का कहना है कि कई राज्यों में सहकारी संस्थाओं और निजी डेयरियों ने दूध और इससे जुड़े उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं, लेकिन कर्नाटक की यूनियनों ने उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए करीब डेढ़ साल से दूध की कीमत नहीं बढ़ाई है। अब बढ़ती लागत के बीच दुग्ध संघ सरकार से कीमतों में बदलाव की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं।

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