खुले खाद्य तेल की बिक्री पर पूरी तरह रोक, FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे का बड़ा एक्शन

महाराष्ट्र FDA ने खुले और बिना पैक किए खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगा दी है। कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने खाद्य तेल कारोबार के लिए नए नियम जारी किए।

Update:2026-08-20 21:57 IST

Maharashtra FDA Action Food Safety: महाराष्ट्र में खाद्य तेल की गुणवत्ता और आम लोगों की सेहत को लेकर राज्य के अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा कदम उठाया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा है कि राज्य में खुले और बिना पैक किए खाद्य तेल की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह फैसला ‘सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत लिया गया है।

FDA ने खाद्य तेल की पूरी सप्लाई चेन के लिए नए अनुपालन निर्देश जारी किए हैं। अब खाद्य तेल के निर्माण, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और परिवहन से लेकर खुदरा बिक्री तक सभी स्तरों पर निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

1,247 नमूनों की जांच में सामने आई गड़बड़ियां

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के मुताबिक, पिछले साल राज्य में खाद्य तेल के 1,247 नमूनों की जांच की गई। इनमें से 77 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जबकि 13 नमूने असुरक्षित घोषित किए गए।

इसके अलावा 15 नमूने मिसब्रांडेड पाए गए। जांच और कार्रवाई के दौरान FDA ने करीब 3.20 लाख किलोग्राम असुरक्षित खाद्य तेल जब्त किया।

FDA के मुताबिक, इन जांचों से खाद्य तेल के कारोबार में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की गंभीरता सामने आई है।

खुले तेल से क्यों बढ़ता है खतरा?

FDA का कहना है कि खुले तेल में सबसे बड़ी समस्या उसकी ट्रेसिबिलिटी यानी स्रोत तक पहुंचने की क्षमता को लेकर होती है। बिना लेबल और बैच नंबर के बिकने वाले तेल का उत्पादन कहां हुआ, उसमें कौन-कौन से तत्व इस्तेमाल हुए और उसकी गुणवत्ता क्या है, इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

खुला तेल हवा और रोशनी के संपर्क में आने के कारण भी जल्दी खराब हो सकता है। इसके अलावा मिलावट की स्थिति में स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

विशेष रूप से आर्जेमोन या मिनरल ऑयल की मिलावट खतरनाक हो सकती है। FDA के अनुसार, ऐसी मिलावट से एपिडेमिक ड्रॉप्सी जैसी गंभीर बीमारी का खतरा पैदा हो सकता है।

जंग लगे और अनुपयुक्त कंटेनर भी चिंता का कारण

FDA ने खाद्य तेल को रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले कंटेनरों को लेकर भी चिंता जताई है। पेंट या ग्रीस जैसे रसायनों के संपर्क में रहे डिब्बों अथवा जंग लगे सिंगल-यूज टिन में तेल रखने से उसमें धातु संबंधी प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है।

ऐसे मामलों में तेल में लेड जैसे धातुओं के घुलने की आशंका रहती है। इसका असर खासतौर पर बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर गंभीर हो सकता है।

बार-बार गर्म किए गए तेल पर भी FDA की नजर

खाद्य तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें Total Polar Compounds (TPC) की मात्रा बढ़ती है। FDA के मुताबिक नए तेल में TPC का स्तर निर्धारित सीमा के भीतर होना चाहिए और इस्तेमाल किए गए तेल में भी यह तय सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।

25 प्रतिशत से अधिक TPC वाले तेल का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे तेल के लगातार सेवन को उच्च रक्तचाप, लिवर और किडनी से जुड़ी समस्याओं समेत अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से जोड़ा जाता है।

नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और सजा

FDA ने साफ किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अलग-अलग उल्लंघनों के लिए जुर्माने और सजा का प्रावधान है।

असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने या उपलब्ध कराने पर कानून के तहत कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

बिना लाइसेंस या पंजीकरण के खाद्य कारोबार चलाने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

मिलावटी पदार्थ रखने और भ्रामक विज्ञापन के मामलों में भी 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य तेल पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

मिसब्रांडेड खाद्य तेल के मामले में 3 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

अब सिर्फ सीलबंद और लेबल वाले तेल की बिक्री

नए निर्देशों का असर खाद्य तेल की पूरी सप्लाई चेन पर होगा। तेल की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग से लेकर परिवहन और रिटेल बिक्री तक सभी कारोबारियों को नियमों का पालन करना होगा।

अब खुदरा बाजार में सही लेबल और सीलबंद पैकेजिंग वाला खाद्य तेल ही बेचा जा सकेगा। यदि किसी खेप की सील टूटी हुई या संदिग्ध मिलती है तो रिटेलर को उसे स्वीकार करने के बजाय रिजेक्ट करना होगा। नियमों की अनदेखी करने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

FDA के अनुसार खाद्य तेल कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों को अपने कारोबार की प्रकृति के अनुसार आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन हासिल करना होगा।

आम उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?

इस फैसले के बाद महाराष्ट्र में ग्राहकों को खुले डिब्बे या कंटेनर से तेल खरीदने के बजाय सीलबंद, लेबल वाले पैक में तेल खरीदना होगा। पैकेट पर ब्रांड, बैच नंबर, निर्माण और अन्य जरूरी जानकारी की जांच करना उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।

FDA का दावा है कि इस कदम का मकसद खाद्य तेल की गुणवत्ता पर निगरानी मजबूत करना और मिलावट या असुरक्षित तेल के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले खतरे को कम करना है।

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