इस राज्य में 'ऑपरेशन लोटस' की आहट! 2 से 11 हो सकती है BJP की ताकत, 9 UDP विधायक पाला बदलने की तैयारी में

Meghalaya Politics: मेघालय में 9 UDP विधायकों के BJP में जाने की चर्चा तेज है। ऐसा हुआ तो BJP की संख्या 2 से बढ़कर 11 हो सकती है। जानिए पूरा सियासी गणित।

Update:2026-08-30 17:44 IST

Meghalaya Politics: मेघालय की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) की सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 12 में से कम से कम 9 विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संपर्क में बताए जा रहे हैं। अगर यह बदलाव वास्तव में होता है तो 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी की संख्या मौजूदा 2 से बढ़कर 11 हो जाएगी।

हालांकि, अभी तक किसी विधायक के औपचारिक रूप से BJP में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लिहाजा इसे फिलहाल संभावित राजनीतिक पुनर्संरेखण के तौर पर देखा जा रहा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, 30 अगस्त को नई दिल्ली में इस मुद्दे पर बातचीत का अगला दौर होने की संभावना है। कुछ UDP विधायक दिल्ली पहुंच भी चुके हैं।

9 UDP विधायकों के पाला बदलने की चर्चा

मेघालय विधानसभा में UDP के 12 विधायक हैं। सूत्रों के मुताबिक इनमें से 9 विधायक बीजेपी के साथ जाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। शनिवार को BJP नेताओं के साथ बातचीत के दूसरे दौर के बाद यह राजनीतिक चर्चा और तेज हुई।

एक वरिष्ठ UDP नेता ने नाम न छापने की शर्त पर संकेत दिया कि पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान ने इस स्थिति को जन्म दिया है। वहीं UDP अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह ने ऐसी किसी जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। बीजेपी और UDP दोनों ने भी फिलहाल इस संभावित बदलाव की औपचारिक पुष्टि नहीं की है।

BJP की संख्या 2 से सीधे 11!

अगर UDP के 9 विधायक बीजेपी में चले जाते हैं तो विधानसभा का गणित पूरी तरह बदल जाएगा।

अभी बीजेपी के पास सिर्फ 2 विधायक हैं। नौ UDP विधायकों के साथ आने पर यह संख्या 11 हो जाएगी। यानी बीजेपी पहली बार मेघालय विधानसभा में डबल डिजिट में पहुंच सकती है।

वहीं UDP के पास केवल तीन विधायक बचेंगे। इससे मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की अगुवाई वाले मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) में सत्ता-संतुलन भी बदल सकता है। फिलहाल NPP के पास 33 विधायक हैं और वह गठबंधन में सबसे बड़ी ताकत है।

अमित शाह से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल

इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी हाल में हुई UDP नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक से भी जोड़ी जा रही है। UDP प्रतिनिधिमंडल ने अगस्त में दिल्ली में शाह से मुलाकात कर मेघालय से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे।

इनमें इनर लाइन परमिट (ILP), FCRA संशोधन, कोयला खनन, भूमि एवं स्थानीय अधिकारों जैसे मुद्दे शामिल थे। हालांकि उस बैठक को आधिकारिक तौर पर राज्य के मुद्दों पर चर्चा बताया गया था, बाद की राजनीतिक गतिविधियों ने संभावित BJP-UDP पुनर्संरेखण की अटकलों को हवा दी है।

UDP में क्यों बढ़ी नाराजगी?

UDP के भीतर असंतोष की जड़ें पिछले साल के कैबिनेट फेरबदल तक जाती हैं। सितंबर 2025 में पर्यटन मंत्री पॉल लिंगदोह को हटाकर पार्टी अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह को कैबिनेट में शामिल किया गया था। इसके बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर मतभेद की चर्चा तेज हुई।

अब यही आंतरिक असंतोष 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़े राजनीतिक बदलाव की वजह बन सकता है। हालांकि UDP नेतृत्व ने फिलहाल किसी संभावित विभाजन की पुष्टि नहीं की है।

क्या TMC के विधायक भी BJP में जाएंगे?

राजनीतिक हलकों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ विधायकों के भी बीजेपी के संपर्क में होने की चर्चा है। कुछ रिपोर्टों में TMC विधायकों के साथ बातचीत का दावा किया गया है।

लेकिन यहां सावधानी जरूरी है- TMC के सभी चार विधायकों के BJP में शामिल होने की अभी विश्वसनीय आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल 2 से 15 का आंकड़ा संभावित गणित है, वास्तविक विधानसभा संख्या नहीं।

2028 से पहले BJP की बड़ी रणनीति?

मेघालय में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। ऐसे में अगर बीजेपी नौ UDP विधायकों को अपने साथ लाने में सफल होती है तो पार्टी की चुनावी स्थिति काफी मजबूत हो सकती है।

बीजेपी फिलहाल NPP के नेतृत्व वाली सरकार में सहयोगी है। लेकिन 11 विधायकों की ताकत के साथ वह गठबंधन में कहीं ज्यादा प्रभावशाली भूमिका में आ जाएगी। इससे मंत्री पदों और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर भी नए समीकरण बन सकते हैं।

फिलहाल क्या है पूरा गणित?

मेघालय विधानसभा: 60 सीट

NPP: 33 विधायक

UDP: 12 विधायक

BJP: 2 विधायक

UDP से संभावित BJP में जाने वाले: 9

ऐसा होने पर BJP: 11 विधायक

TMC के संभावित बदलाव: अभी अपुष्ट

2028 चुनाव: इस पूरे घटनाक्रम का बड़ा राजनीतिक असर संभव

यानी मेघालय में अभी 'ऑपरेशन लोटस' की चर्चा जोरदार है, लेकिन अंतिम फैसला बाकी है। अगर 9 UDP विधायक वास्तव में BJP में चले जाते हैं, तो यह 2028 के चुनाव से काफी पहले राज्य के सियासी समीकरण को बदलने वाला बड़ा कदम होगा।

Tags:    

Similar News