Jahangir Khan Wife Arrest: TMC नेता जहांगीर खान के बाद अब उनकी बेगम भी गिरफ्तार, फलता में काटा था भयंकर गदर
Jahangir Khan Wife Arrest: फलता हिंसा मामले में टीएमसी नेता जहांगीर खान के बाद अब उनकी पत्नी रेजिना बीबी भी गिरफ्तार हो गई हैं। पुलिस ने प्रदर्शन, चक्का जाम और कथित हिंसा को लेकर बड़ी कार्रवाई की है।
Jahangir Khan Wife Arrest
Jahangir Khan Wife Arrest: पश्चिम बंगाल की सियासत से इस समय एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चर्चित नेता जहांगीर खान की नाटकीय ढंग से हुई गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने उनकी पत्नी रेजिना बीबी उर्फ सरिना को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है. दक्षिण 24 परगना जिले से हुई इस बड़ी पुलिसिया कार्रवाई ने पूरे सूबे के राजनीतिक गलियारों में भारी हड़कंप मचा दिया है.
पुलिस अधिकारियों का साफ तौर पर आरोप है कि पति की गिरफ्तारी के तुरंत बाद रेजिना बीबी ने फलता इलाके में कानून को हाथ में लेते हुए कई हिंसक प्रदर्शनों और चक्का जाम का आयोजन किया था. इन गैर-कानूनी गतिविधियों की वजह से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह खतरे में पड़ गई थी, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने यह कड़ा रुख अपनाया है.
सड़कों पर उतरा समर्थकों का हुजूम
इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे की शुरुआत तब हुई थी, जब कुछ दिन पहले पुलिस ने टीएमसी नेता जहांगीर खान को दबोचा था. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें पुलिस उन्हें रस्सी से बांधकर ले जाती दिखी, जिसे देखकर उनके समर्थक बेहद आक्रोशित हो गए. इसके विरोध में फलता के मुख्य रास्तों को पूरी तरह ठप कर दिया गया और स्थानीय पुलिस थाने को घेरने की बहुत बड़ी गुप्त योजना बनाई गई.
हालात को हाथ से निकलता देख पुलिस बल के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF) की बड़ी टुकड़ियों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया, जिन्होंने सूझबूझ से काम लेते हुए उग्र भीड़ को वहां से खदेड़ दिया. इस बड़े बवाल के बाद रेजिना बीबी अचानक पुलिस की नजरों से बचकर छिप गई थीं, लेकिन मुस्तैद पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें धर दबोचा. अब उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है.
2026 के चुनाव का सरेंडर
आपको बता दें कि फलता के इलाके में जहांगीर खान का एक समय पर बहुत बड़ा दबदबा माना जाता था. वे अपनी चुनावी रैलियों में खुद को मशहूर फिल्म 'पुष्पा' के मुख्य किरदार की तरह दिखाते थे और मंच से 'पुष्पा झुकेगा नहीं साला' जैसा संवाद बोलकर भीड़ जुटाते थे. जहांगीर ने इसी साल 2026 का विधानसभा चुनाव फलता सीट से लड़ा था.
लेकिन इस चुनाव के दौरान उन पर वोटरों को डराने, धांधली करने और ईवीएम में गड़बड़ी फैलाने के कई गंभीर आरोप लगे. बढ़ती शिकायतों को देखते हुए चुनाव आयोग ने वहां 21 मई को दोबारा वोटिंग कराने का बड़ा फैसला किया. लेकिन इस दोबारा चुनाव से ठीक 48 घंटे पहले ही खुद को अजेय बताने वाले जहांगीर ने डरकर मैदान छोड़ दिया और अपना नामांकन वापस ले लिया.
नेपाल भागने का प्लान फेल
जब 24 मई को चुनाव के अंतिम नतीजे घोषित हुए तो जहांगीर खान को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. इस शर्मनाक हार के बाद से ही वे लगातार फरार चल रहे थे. फलता थाने में उनके खिलाफ रंगदारी, जबरन वसूली और मारपीट की अनगिनत एफआईआर दर्ज हो चुकी थीं. गिरफ्तारी के डर से जहांगीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया.
इसके बाद वे भारतीय सीमा लांघकर नेपाल भागने की फिराक में थे, तभी 8 जून को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने जाल बिछाकर उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास से रंगे हाथों दबोच लिया. अब उनकी बेगम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े बाकी चेहरों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है ताकि इलाके में पूरी तरह शांति बहाल रखी जा सके और कानून तोड़ने वालों को कड़ा सबक मिल सके. आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में कई और बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है.