कुवैत में गिरा अमेरिकी लड़ाकू विमान? ईरान का सनसनीखेज दावा...,'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का वो सच जिसने दुनिया को हिला दिया!
US Fighter Jet Crash Kuwait: कुवैत में गिरा अमेरिकी लड़ाकू विमान?" ईरान का बड़ा दावा, क्या 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान हुआ हमला? जानें F-35 स्टील्थ फाइटर और मिसाइल अटैक से जुड़ी पूरी सच्चाई, जिस पर अब तक अमेरिका ने साध रखी है चुप्पी।
US Fighter Jet Crash Kuwait: मिडिल ईस्ट के रेगिस्तानों से एक ऐसी खबर निकलकर सामने आ रही है जिसने पूरी दुनिया के सैन्य विशेषज्ञों और रक्षा गलियारों में खलबली मचा दी है। खबर है दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका और उसके सबसे कट्टर दुश्मन ईरान के बीच छिड़ी एक 'अदृश्य' जंग की। दावा किया जा रहा है कि कुवैत के आसमान में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया, जिसके बाद वह धू-धू कर जमीन पर गिर गया। ईरान ब्रॉडकास्टिंग की इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है, क्योंकि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है। क्या वाकई ईरान ने अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान को मार गिराया है या यह सिर्फ एक प्रोपेगेंडा है? आइए जानते हैं इस रहस्यमयी क्रैश और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के पीछे की पूरी कहानी।
23 मार्च की वो घटना और अमेरिका की रहस्यमयी चुप्पी
ईरान की ओर से किए गए दावे के मुताबिक, 23 तारीख को कुवैत में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया। हालांकि, रिपोर्ट में अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि विमान पर हमला किस हथियार से हुआ या वह विमान कौन सा था। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात अमेरिका का रवैया है। अमेरिकी सेना और पेंटागन की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्वतंत्र जांच एजेंसियों का कहना है कि वे इस खबर की पुष्टि करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक हालात पूरी तरह साफ नहीं हैं। अमेरिका की यह चुप्पी कई तरह के सवालों को जन्म दे रही है। क्या अमेरिका अपनी किसी बड़ी सैन्य विफलता को छिपा रहा है, या फिर यह ईरान की ओर से फैलाया गया कोई भ्रम है?
F-35 स्टील्थ फाइटर और ईरान का 'थर्मल वीडियो' वार
कुवैत की इस घटना से ठीक कुछ दिन पहले, यानी 19 मार्च को भी ईरान ने एक बड़ा दावा किया था। ईरान का कहना था कि उसने तेहरान के ऊपर एक ऑपरेशन के दौरान अमेरिका के सबसे एडवांस F-35 लड़ाकू विमान को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने तो इसके समर्थन में एक थर्मल इमेजिंग वीडियो भी जारी किया था, जिसमें विमान को निशाना बनते हुए दिखाया गया था। हालांकि, उस समय यूएस सेंट्रल कमांड ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। अमेरिका का कहना था कि विमान सुरक्षित लैंड कर गया है और पायलट पूरी तरह ठीक है। लेकिन डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि F-35 की ऊंचाई और उसकी तकनीक को देखते हुए उस पर केवल शक्तिशाली 'सर्फेस-टू-एयर मिसाइल' (SAM) से ही हमला किया जा सकता है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और पायलट की हालत पर सस्पेंस
यह पूरी सैन्य उठापटक अमेरिका के एक गुप्त मिशन 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान शुरू हुई बताई जा रही है। इस मिशन के तहत अमेरिका के F-35A स्टील्थ फाइटर ईरान के ऊपर किसी विशेष मिशन पर थे। एयर एंड स्पेस फोर्सेज मैगजीन की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक पायलट को कुछ चोटें आई थीं, लेकिन उसकी हालत स्थिर बताई गई। हालांकि, कुवैत में विमान के गिरने की ताजा खबर ने पुराने घावों को फिर से हरा कर दिया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कुवैत में जो विमान गिरा है, क्या वह वही F-35 था जो 19 मार्च को घायल हुआ था, या यह कोई नया शिकार है। दुनिया अब अमेरिका की प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतजार कर रही है, क्योंकि अगर यह खबर सच साबित होती है, तो मिडिल ईस्ट में एक बड़े महायुद्ध की चिंगारी सुलग सकती है।