पश्चिम बंगाल में 'युद्ध' जैसे हालात! संदेशखाली में 'पुलिस पर अटैक', शेख शाहजहां के समर्थकों ने...

Sandeshkhali violence: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में जमीन कब्जे को लेकर टीएमसी के दो गुटों में हिंसक झड़प, पुलिस पर हमला, छह जवान घायल और 11 टीएमसी कार्यकर्ता गिरफ्तार।

Update:2026-01-03 15:25 IST

Sandeshkhali violence: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का संदेशखाली एक बार फिर सुर्खियों में है। शनिवार को यहां हालात अचानक उस वक्त बिगड़ गए, जब जमीन पर कब्जे को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के दो गुट आमने-सामने आ गए। पहले आपसी झड़प हुई और फिर मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम भी भीड़ के गुस्से का शिकार हो गई। कुछ ही पलों में इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।

पुलिस पर हमला, छह जवान घायल

सूचना मिलने के बाद जब पुलिस हालात काबू करने पहुंची, तो भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीड़ का गुस्सा इतना ज्यादा था कि पुलिस की गाड़ी को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। चश्मदीदों के मुताबिक हालात कुछ देर के लिए पूरी तरह बेकाबू हो गए थे।

11 टीएमसी कार्यकर्ता गिरफ्तार

घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किए गए सभी लोग तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी जेल में बंद संदेशखाली कांड के मुख्य आरोपित और टीएमसी के बाहुबली नेता शाहजहां शेख के करीबी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले की साजिश पहले से रची गई थी या नहीं।

इलाके में भारी तनाव, पुलिस तैनाती बढ़ी

पुलिस पर हमले के बाद संदेशखाली में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन हालात को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार पेट्रोलिंग कर रहा है।

पुराने विवाद की याद दिलाती घटना

संदेशखाली में यह पहली बार नहीं है जब हिंसा हुई हो। करीब दो साल पहले भी राशन वितरण घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की टीम जब शाहजहां शेख के घर छापेमारी करने पहुंची थी, तब उनके समर्थकों ने ईडी अधिकारियों पर हमला कर दिया था। उस घटना में भी कई अधिकारी घायल हुए थे। मौजूदा घटना ने एक बार फिर उस पुराने विवाद की याद ताजा कर दी है।

संदेशखाली की इस घटना ने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन दखल जैसे मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल के भीतर टकराव और फिर पुलिस पर हमला, यह दिखाता है कि हालात कितने संवेदनशील हैं। फिलहाल पुलिस की नजर पूरे इलाके पर है और प्रशासन का दावा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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