Jharkhand में TDPL से हुईं सभी परीक्षाएं रद्द, रिजल्ट और चयन भी निरस्त, JPSC-JSSC की पूरी लिस्ट जानें
Jharkhand Exams Cancelled List: सरकार ने विवादित परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड यानी TDPL के ज़रिए से आयोजित सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का बड़ा निर्णय लिया है।
Jharkhand Exams Cancelled List
Jharkhand Exams Cancelled List: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं (Jharkhand Recruitment Exams) में हुई गड़बड़ी को लेकर बीते करीब 24 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन अब आखिरकार कुछ रंग लाता नजर आया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं के हित में बड़ा निर्णय लिया गया है।
सरकार ने विवादित परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड यानी TDPL के ज़रिए से आयोजित सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का बड़ा निर्णय लिया है। इसके साथ ही JSSC CGL परीक्षा को भी पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है।
इस निर्णय के सामने आने के बाद रांची की सड़कों पर आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर देखने को मिली। छात्र एक-दूसरे को गले लगाते दिखाई दिए और कई स्थानों मिठाई बांटकर जश्न भी मनाया गया।
15 से अधिक भर्ती परीक्षाएं हुईं रद्द
शुरुआत में इस निर्णय के अंतर्गत सिर्फ 8 परीक्षाओं के नाम सामने आ रहे थे, लेकिन सरकार के इस निर्णय का दायरा इससे कहीं अधिक बड़ा बताया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि TDPL द्वारा आयोजित सिर्फ एक या दो परीक्षाओं को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इस एजेंसी के ज़रिये से हुई पूरी परीक्षा प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है।
इसके अंतर्गत झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की मिलाकर लगभग 15 बड़ी भर्ती परीक्षाएं रद्द की गई हैं। सरकार ने ‘सब कुछ रद्द’ का नियम लागू करते हुए कहा है कि इस एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के रिजल्ट और किए गए सभी चयन भी निरस्त माने जाएंगे। यहां तक कि जिन मामलों में नियुक्तियां हो चुकी हैं, उन पर भी इस निर्णय पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
JPSC की 10 परीक्षाएं रद्द
टीडीपीएल से जुड़ी JPSC की लगभग 10 प्रमुख परीक्षाओं को रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा रेगुलर, संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा बैकलॉग और संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा यानी पीटी शामिल है। इसी में 14वीं JPSC पीटी भी शामिल बताई गई है।
इसके अलावा सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा, सहायक लोक अभियोजक यानी APP बैकलॉग, सहायक लोक अभियोजक एपीपी रेगुलर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्टरीज भर्ती परीक्षा, प्रोजेक्ट मैनेजर भर्ती परीक्षा, बॉयलर इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा और झारखंड पात्रता परीक्षा यानी जेईटी (JET) को भी रद्द किया गया है।
JPSC की 5 प्रमुख परीक्षाएं भी निरस्त
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की भी पांच प्रमुख परीक्षाएं इस निर्णय के दायरे में आई हैं। इनमें जेएसएससी सीजीएल यानी जेएसएससी-जेजीजीएलसीसीई (JSSC CGL/JGGLCCE), झारखंड तकनीकी और विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, जेएसएससी फील्ड वर्कर परीक्षा, जेएसएससी फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा और जेएसएससी पीजीटी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा शामिल हैं।
इन परीक्षाओं के रद्द होने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों पर सबसे बड़ा प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि इन परीक्षाओं से जुड़े रिजल्ट और चयन प्रक्रिया को भी निरस्त कर दिया गया है।
साल 2014 के बाद हुई परीक्षाओं की CID जांच
सरकार ने केवल परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय नहीं लिया है, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच के भी आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि लखनऊ की एजेंसी TDPL द्वारा साल 2014 के बाद से झारखंड में आयोजित सभी परीक्षाओं की सीआईडी (CID Investigation) जांच कराई जाएगी।
इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी आगामी वक़्त में भर्ती परीक्षाओं को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम और सख्त प्रोटोकॉल तैयार करेगी।
छात्रों से भी मांगे जाएंगे परीक्षा सुधार के सुझाव
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े सुझाव लेने के लिए एक समर्पित पोर्टल खोला गया है।
इस पोर्टल के जरिए छात्र, शिक्षक और अभिभावक अपने सुझाव सरकार तक पहुंचा सकेंगे। अच्छे सुझावों को विशेषज्ञों के साथ साझा किया जाएगा और जरूरत के अनुसार उन्हें भविष्य की परीक्षा व्यवस्था के नए नियमों में शामिल किया जाएगा।
CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े छात्र
सरकार के निर्णय के बाद छात्रों में खुशी जरूर है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म होने की स्थिति अभी साफ नहीं है। छात्र नेताओं का कहना है कि वे परीक्षा में हुई कथित धांधली की सीबीआई (CBI Investigation) जांच की मांग पर अभी भी कायम हैं।
छात्र नेता सरकार के औपचारिक आदेश की समीक्षा करने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे। ऐसे में टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने और सीआईडी जांच के फैसले के बाद भी छात्रों की आगे की लड़ाई किस दिशा में जाती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।