प्रसिद्ध गुरु-शिष्य की जोड़ियां, जिनकी सही दिशा और सीख ने स्टूडेंट्स को दिलायी Globally पहचान

World Teachers Day 2025: एक शिक्षक या गुरु को हमेशा पहला दर्जा दिया जाता है, क्योंकि एक गुरु ही आपको केवल विषय का ज्ञान नहीं सिखाते हैं बल्कि आपको जीवन में सही रास्ता दिखाने का काम करते हैं।

Update:2025-10-04 13:47 IST

World Teachers Day 2025 

World Teachers Day 2025: एक शिक्षक या गुरु को हमेशा पहला दर्जा दिया जाता है, क्योंकि एक गुरु ही आपको केवल विषय का ज्ञान नहीं सिखाते हैं बल्कि आपको जीवन में सही रास्ता दिखाने का काम करते हैं। ऐसी कई गुरु-शिष्य जोड़ियां हैं जिन्होंने हमें जीवन जीने के तरीके सिखाए। जिनके सही दिशा और सीख ने स्टूडेंट्स को दिलाया Globally पहचान।

5 अक्टूबर को पूरी दुनिया विश्व शिक्षक दिवस (World Teachers’ Day) मनाने की तैयारी कर रही है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि पीढ़ियों को सोचने, सवाल पूछने और कल्पना करने की क्षमता देने वाले होते हैं।

आइए जानते है नए दौर के 5 लोकप्रिय गुरु -शिष्य की जोड़ी के बारे में , गुरु के सीख ने स्टूडेंट्स को दिलाया Globally पहचान...

(1) "रमाकांत आचरेकर - सचिन तेंदुलकर":

रमाकांत आचरेकर के बिना, क्रिकेट के भगवान - सचिन रमेश तेंदुलकर का अस्तित्व ही नहीं होता। रमाकांत आचरेकर का इस असाधारण प्रतिभा को प्रशिक्षित करने का एक अनोखा तरीका था। वे स्टंप के ऊपर एक रुपये का सिक्का रख देते थे, जो गेंदबाज़ को सचिन को आउट करने पर मिलता था। अगर सचिन बिना आउट हुए पूरा सत्र खेल लेते, तो उन्हें यह सिक्का मिल जाता। सचिन के संग्रह में ऐसे 13 सिक्के हैं।सचिन ने भी अपनी भूमिका निभाई और आचरेकर की मेहनत को बेकार नहीं जाने दिया। सचिन क्रिकेट के इतिहास में निस्संदेह सर्वश्रेष्ठ है, और उन्होंने हर कदम पर अपने पसंदीदा आचरेकर सर का शुक्रिया अदा किया है।

(2)"बिरजू महाराज और माधुरी दीक्षित-नेने"...

बॉलीवुड की डांसिंग क्वीन माधुरी दीक्षित-नेने ने अपने पूरे बॉलीवुड करियर में अपने अभिनय से लाखों दिलों को जीता है । बहुत कम लोग जानते हैं कि धक-धक गर्ल की सफलता उनके कथक गुरु, महान बिरजू महाराज की शिक्षा से मिली है। माधुरी दीक्षित ने बिरजू महाराज से बहुत कुछ सीखा और अपने नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

(3) "युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा".....

अभिषेक शर्मा के करियर को निखारने में टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह की अहम भूमिका रही है। युवराज ने ही अभिषेक को ट्रेन किया है और उन्हें भारतीय टीम के लिए तैयार किया है। अभिषेक शर्मा ने भी कई बार बताया है कि कैसे युवराज सिंह ने मुश्किल दौर में उन्हें संभाला और बड़ा सपना देखना सिखाया। अभिषेक और युवराज का रिश्ता गुरु-शिष्य जैसा है।

(4) Famous शिक्षक "Rk Srivastava" और "Google Boy kautilya pandit"...

आर.के. श्रीवास्तव और गूगल बॉय कौटिल्य पंडित का जुड़ाव कोई दबी हुई बात नहीं। Google Boy को गणित का गुर आरके श्रीवास्तव सिखा चुके है। जिसकी चर्चा खुद कौटिल्य ने कई मंचों पर किया है। अभी हाल ही में प्रसिद्ध Vivek Bindra के पॉडकास्ट में भी अपने गुरु Rk Srivastava की चर्चा Google Boy kautilya कर चुका है। कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा भी आरके श्रीवास्तव की प्रशंसा कई जगहों पर कर चुके है जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर भरे पड़े है। अलग-अलग शैक्षणिक आयोजनों के वीडियो में गुरु शिष्य दोनों साथ दिखते है। कभी बातचीत में तो कभी किसी शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम का संचालन करते हुए। यह साथ सिर्फ़ मंचीय उपस्थिति भर नहीं, बल्कि संवाद और जिज्ञासा की साझेदारी है। कौटिल्य ने स्वयं सार्वजनिक तौर पर आर.के. श्रीवास्तव को “बहुत अच्छे शिक्षक” कहकर सराहा है—यह टिप्पणी उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी उपलब्ध है। दुनिया के मानचित्र पर मैथेमेटिक्स गुरु आर.के. श्रीवास्तव का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इनका पूरा नाम रजनी कांत श्रीवास्तव है। ये भारत के एक मात्र ऐसे शिक्षक होंगे जिनका कोई हेटर्स नहीं मिलेगा,जिन्होंने देश के हर उस बच्चे की मदद करने की सोची जो पढ़ना चाहता है। भारत के प्रतिष्ठित अखबारों और न्यूज पोर्टल पर इनके बारे में खबरें हमेशा छपती ही रहती है।

"गूगल बॉय’’ से ऑक्सफोर्ड की दहलीज़ तक का सफर कौटिल्य कर चुका है। अमिताभ बच्चन के 'कौन बनेगा करोड़पति' शो और बहुचर्चित कपिल कॉमेडी शो में भी Kautilya pandit बतौर Guest जा चुका है।

भारत में जब भी असाधारण प्रतिभा की बात होती है, हरियाणा के करनाल के युवा कौटिल्य पंडित का जिक्र अवश्य होता है,जिन्हें लोग “गूगल बॉय” के नाम से जानते है । कौटिल्य और आर.के. श्रीवास्तव की यह जोड़ी गुरु शिष्य के अनमोल रिश्ते का वर्तमान उदाहरण है।

(5) नरेंद्र मोदी के राजनीतिक और आध्यात्मिक गुरु....

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को अपना राजनीतिक गुरु और स्वामी दयानंद गिरी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानते हैं । दरअसल नरेंद्र मोदी बचपन से ही आरएसएस संगठन से जुड़े हुए थे। लेकिन राजनीति में सक्रियता उनकी लालकृष्ण आडवाणी से मिलने के बाद शुरू हुई थी।

दरअसल 25 नवंबर 1990 को लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में रथ यात्रा निकली थी, जिसे भारत में अपार जनसमर्थन मिला था। वहीं गुजरात में रथ यात्रा के संयोजक खुद नरेंद्र मोदी थे, इस यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी लालकृष्ण आडवाणी के सारथी भी बने थे। मोदी के भाजपा में प्रवेश के बाद से, लालकृष्ण आडवाणी उनके पूरे राजनीतिक जीवन में उनके मार्गदर्शक रहे हैं। 2002 में गोधरा दंगों के बाद आडवाणी ही मोदी के बचाव में आगे आए थे।

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