Firecracker Factory Explosion: देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: मालिक पर एनएसए, न्यायिक जांच के आदेश
Firecracker Factory Explosion: मध्य प्रदेश के देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में फैक्ट्री मालिक पर एनएसए लगाया गया। हादसे में 3 की मौत और 15 से ज्यादा घायल हुए। प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए।
Firecracker Factory Explosion(Photo-Social Media)
Firecracker Factory Explosion: मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककला गांव स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में जिला प्रशासन ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की है। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 15 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने अनिल मालवीय को गिरफ्तार कर लिया है और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है।
देवास के जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि पुलिस रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में फैक्ट्री संचालन में गंभीर अनियमितताओं और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। कलेक्टर सिंह ने कहा, “पुलिस रिपोर्ट में पटाखा निर्माण लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और ‘विस्फोटक नियमों’ के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।”
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री से जुड़े तीन ठेकेदारों समेत कुल चार लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या विस्फोटक सामग्री के रखरखाव में लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ। इस बीच, उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, ताकि विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और सुरक्षा नियमों के पालन में हुई किसी भी चूक की पहचान की जा सके।
जांच के लिए उज्जैन के अतिरिक्त कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारी नमिता तिवारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में विस्फोट के कारणों, ‘विस्फोटक नियमों’ और ‘राष्ट्रीय भवन संहिता-2016’ के पालन की समीक्षा की जाएगी। साथ ही फैक्ट्री संचालन के लिए जारी लाइसेंसों की भी जांच की जाएगी।”
प्रशासन ने यह भी कहा है कि जिले में संचालित अन्य पटाखा फैक्ट्रियों के सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी। उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने देवास जिला अस्पताल और अमलतास अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की। जगदीश देवड़ा ने कहा, “राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। घायलों को हर संभव सहायता और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।