मध्य प्रदेश में लाडली बहनों को अब हर महीने मिलेंगे ₹1500; सीएम मोहन यादव ने भाई दूज पर किया ऐलान
MP News: मध्य प्रदेश की लाडली बहनों को अब हर महीने ₹1500 मिलेंगे। सीएम मोहन यादव ने भाई दूज के मौके पर यह घोषणा की। अब तक 29 किस्तों में 45 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।
MP News
MP News: मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भाई दूज के पावन अवसर पर बड़ी घोषणा की है। भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में उन्होंने ऐलान किया कि अब प्रदेश की लाडली बहनों को राज्य सरकार हर माह ₹1,500 की सहायता राशि प्रदान करेगी। अब तक इस योजना के तहत ₹1,250 दिए जा रहे थे।
1.26 करोड़ लाडली बहनें
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भाई दूज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के स्नेह, परस्पर अपनत्व और भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें 1 करोड़ 26 लाख से अधिक बहनें लाडली बहनों के रूप में मिली हैं। उन्होंने कहा, "प्रदेश की सभी लाडली बहनों को अब हर माह ₹1500 मिलेंगे। बहनों के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है।" उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जहाँ लाडली बहना योजना से बहनें हर महीने राखी और भाई दूज मनाती हैं।
45 हजार करोड़ की सहायता राशि
सीएम यादव ने बताया कि राज्य सरकार लाडली बहनों को अब तक 29 किस्तों में करीब ₹45 हजार करोड़ की सहायता राशि दे चुकी है। भाई दूज के इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया। बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाया, साफ़ा पहनाया और नारियल भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में निमाड़ी लोकगीत और नृत्यों की प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा माहौल भाव-विभोर हो गया।
उद्योग और संपत्ति में विशेष छूट
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केवल सहायता राशि बढ़ाने तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि लाडली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए गए फैसलों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रोजगारपरक नीति तैयार कर बहनों को उद्योग में काम करने पर ₹5,000 की राशि अतिरिक्त सहायता के रूप में देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, अगर बहनें अपना उद्योग स्थापित करती हैं, तो उन्हें 2 प्रतिशत की छूट अलग से दी जा रही है। बहनों के नाम पर मकान, दुकान और ज़मीन की रजिस्ट्री कराने पर भी अलग से छूट दिए जाने का प्रावधान है। सीएम ने बहनों से अपील की कि वे अपना उद्योग स्थापित करें और समृद्ध बनें।