MP News: मूंग किसानों के लिए खुशखबरी या बड़ा मास्टरस्ट्रोक? सरकार ने रातोंरात बदला खरीदी का नियम

MP Moong MSP Procurement: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए MSP पर मूंग उपार्जन की सीमा 25% से बढ़ाकर 60% कर दी है। साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि और मूंग खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है।

Update:2026-07-30 15:06 IST

CM Mohan Yadav

MP Moong MSP Procurement: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Government) ने किसानों (Farmers) के हित में बड़ा फैसला लिया है। किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) की ओर से गठित मंत्री समूह (Minister Group) की किसान संगठनों (Farmer Organizations) के प्रतिनिधियों के साथ 29 जुलाई को मंत्रालय में बैठक हुई। इस बैठक में किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

बैठक के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना (Andal Singh Kansana) ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार हमेशा किसानों के हितों को प्राथमिकता देती रही है। प्रदेश के अन्नदाता (Farmers) राज्य की अर्थव्यवस्था (Economy) और समृद्धि का आधार हैं। किसानों की मेहनत से तैयार होने वाली फसल (Crop) का उचित मूल्य (Fair Price) दिलाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

मूंग उपार्जन में किसानों को बड़ी राहत, अब 60 प्रतिशत उपज खरीदेगी सरकार

कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने बताया कि भारत सरकार (Government of India) ने इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग (Summer Moong) के उपार्जन (Procurement) के लिए मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य (Target) दिया था।

भारत सरकार की योजना के तहत राज्य में कुल उत्पादन (Total Production) का अधिकतम 25 प्रतिशत उपार्जन करने का प्रावधान है। इसी नियम के आधार पर पहले फैसला लिया गया था कि प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों (Moong Farmers) से उनकी उपज का 25 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP - Minimum Support Price) पर खरीदा जाएगा।

लेकिन अब किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा के बाद सरकार ने किसानों के व्यापक हित को देखते हुए इस सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है।

कृषि मंत्री ने बताया कि अब प्रत्येक पात्र किसान (Eligible Farmer) से उसकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत तक उपार्जन किया जाएगा। यह मात्रा नर्मदापुरम (Narmadapuram), सीहोर (Sehore) और हरदा (Harda) जैसे जिलों में लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगी।

सरकार का कहना है कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मूंग उत्पादक किसानों को इसका लाभ मिल सके।

स्लॉट बुकिंग की तारीख 10 दिन बढ़ाई गई

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मूंग खरीदी (Moong Procurement) के लिए स्लॉट बुकिंग (Slot Booking) की अवधि भी बढ़ाने का निर्णय लिया है।

कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने बताया कि पहले किसान 30 जुलाई तक स्लॉट बुक कर सकते थे, लेकिन अब इसकी समय सीमा बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है। यानी किसान अब 10 अगस्त तक अपनी स्लॉट बुकिंग करा सकेंगे।

इसके साथ ही मूंग उपार्जन की अंतिम तारीख (Procurement Last Date) भी बढ़ा दी गई है। पहले यह तारीख 10 अगस्त थी, जिसे अब बढ़ाकर 20 अगस्त कर दिया गया है।

मंत्री कंसाना ने प्रदेश के किसान भाइयों और बहनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है और किसानों के हित में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं।

खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था पर भी बड़ा फैसला

कृषि मंत्री ने खाद वितरण (Fertilizer Distribution) के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था (E-Token System) को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को किसानों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार के तौर पर लागू किया गया था, लेकिन नई व्यवस्था होने के कारण शुरुआती स्तर पर कुछ समस्याएं सामने आ रही हैं।

इन समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि उत्पादन आयुक्त (Agriculture Production Commissioner) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति (High Level Committee) गठित करने का निर्णय लिया है।

यह समिति ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी सभी शिकायतों और व्यावहारिक परेशानियों की जांच करेगी और अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे।

सुधार होने तक ई-टोकन व्यवस्था रहेगी स्थगित

मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने बताया कि समिति की अनुशंसाएं आने और आवश्यक सुधार किए जाने तक ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और उन्हें समय पर सुविधाएं मिल सकें, इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने, स्लॉट बुकिंग की तारीख आगे बढ़ाने और खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा जैसे फैसलों के जरिए किसानों को राहत देने की कोशिश की है। सरकार का दावा है कि किसानों की आय और उनकी उपज का सही मूल्य सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।

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