NHAI Highway Repair Service: हाईवे पर गाड़ी खराब हुई तो घबराने की जरूरत नहीं, NHAI ला रहा बड़ा समाधान
NHAI Highway Repair Service 2026: हाईवे और एक्सप्रेसवे पर हर 20-25 किलोमीटर पर पंक्चर रिपेयर और वाहन मरम्मत सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी।
NHAI Highway Repair Service 2026
NHAI Highway Repair Service 2026: ट्रैफिक और ऊबड़ खाबड़ रास्तों की समस्या से निपटने के लिए रिकॉर्ड स्तर पर देशभर में तेजी से बन रहे एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे ने लंबी दूरी का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। लेकिन सफर के दौरान टायर पंक्चर होना या गाड़ी में अचानक खराबी आ जाना वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है। खासकर सुनसान इलाकों में रात के समय घंटों तक मदद का इंतजार करना भारी पड़ जाता है। अब इस समस्या को दूर करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बड़ा कदम उठाने जा रहा है। नए प्लान के तहत हाईवे और एक्सप्रेसवे पर हर 20 से 25 किलोमीटर की दूरी पर पंक्चर रिपेयर और वाहन मरम्मत की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे यात्रियों को तत्काल सहायता मिल सकेगी।
हर 20 से 25 किलोमीटर पर मिलेगा राहत केंद्र
NHAI देश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर वे-साइड एमेनिटीज (Way-Side Amenities) का बड़ा नेटवर्क विकसित कर रहा है। इन सुविधाओं के तहत सड़क किनारे ऐसे केंद्र बनाए जाएंगे जहां वाहन चालकों को पंक्चर रिपेयर, टायर बदलने और छोटी-मोटी तकनीकी समस्याओं के समाधान की सुविधा मिलेगी। इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वाहन चालक को खराब वाहन के कारण लंबे समय तक सड़क पर फंसे न रहना पड़े। खासकर रात के समय और दूरदराज के क्षेत्रों में यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित होगी।
पंक्चर ही नहीं, छोटी-मोटी खराबी भी होगी ठीक
इन केंद्रों पर केवल पंक्चर जोड़ने की सुविधा ही नहीं होगी, बल्कि गाड़ियों में आने वाली सामान्य मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। वाहन की बैटरी डाउन होना, इंजन का ओवरहीट होना, फ्यूज खराब होना या अन्य सामान्य तकनीकी दिक्कतों को मौके पर ही दूर किया जा सकेगा। इसके लिए आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित मैकेनिक और जरूरी स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध रखने की योजना बनाई जा रही है। इससे वाहन चालकों को टोइंग वाहन बुलाने या शहर तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
24 घंटे उपलब्ध हो सकती हैं सेवाएं
NHAI इन सुविधाओं को चौबीसों घंटे संचालित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। यदि यह योजना पूरी तरह लागू होती है तो रात में सफर करने वाले लोगों को भी तत्काल सहायता मिल सकेगी। रात के समय एक्सप्रेसवे पर वाहन खराब होने की स्थिति अक्सर सुरक्षा संबंधी चिंता पैदा करती है। ऐसे में 24x7 उपलब्ध रिपेयर सेवाएं यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को मजबूत करेंगी।
आधुनिक उपकरणों से लैस होंगी वर्कशॉप
वे-साइड एमेनिटीज में स्थापित की जाने वाली वर्कशॉप्स में आधुनिक मशीनों और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। इनमें ऑटोमैटिक एयर फिलिंग मशीन, टायर चेंजर, व्हील बैलेंसिंग उपकरण और बेसिक डायग्नोस्टिक टूल्स शामिल हो सकते हैं।
इससे वाहन चालकों को बेहतर और तेज सेवा मिलेगी तथा छोटे तकनीकी कार्यों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
हाईवे यात्रा को सुरक्षित बनाने पर फोकस
पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने सड़क बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। नए एक्सप्रेसवे, बेहतर सड़कें और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के साथ अब यात्रियों को सड़क किनारे आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि समय पर तकनीकी सहायता मिलने से सड़क पर खड़े खराब वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी। इसके अलावा यात्रियों का समय और ईंधन दोनों बचेंगे।
पहले से मौजूद हैं कई आपातकालीन सुविधाएं
वर्तमान में कई एक्सप्रेसवे पर एम्बुलेंस, क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और आपातकालीन हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब पंक्चर रिपेयर और वाहन मरम्मत केंद्रों को जोड़ने से हाईवे सहायता प्रणाली और मजबूत होगी। यात्री जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर भी संपर्क कर सकते हैं, जहां से उन्हें आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद से यात्री लंबी दूरी का सफर अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और तनावमुक्त होकर तय कर सकेंगें।