Aligarh News: कमिश्नर संगीता सिंह ने लेखिका बनकर अलीगढ़ को कहा अलविदा, कार्यकाल कृष्ण भरोसे चलाया
Aligarh News: अलीगढ़ की कमिश्नर संगीता सिंह ने 19 महीने के कार्यकाल के बाद विदाई ली। उन्होंने अपने अनुभवों और कृष्ण भरोसे कार्यकाल चलाने की बात कही।
Aligarh News(Photo-Social Media)
Aligarh News: जनपद मंडल की कमिश्नर संगीता सिंह मंगलवार को भावुक विदाई के बीच मुरादाबाद रवाना हो गईं। आयुक्त सभागार में कमिश्नरी परिवार, मंडल के अधिकारियों-कर्मचारियों और कमिश्नरी बार एसोसिएशन ने उन्हें स्मृति चिन्ह और गुलदस्ता देकर विदा किया। विदाई समारोह में तालियों से ज्यादा आंखों में नमी थी।
विदाई के मौके पर संगीता सिंह ने कहा कि वह अलीगढ़ से सिर्फ फाइलें नहीं, यादें लेकर जा रही हैं। उन्होंने 1 साल 7 महीने का कार्यकाल पूरा किया। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ उनके लिए कभी अनजान नहीं रहा, क्योंकि उनकी दादी इसी जिले के चकाथल गांव की थीं। "शुरुआत में नई जिम्मेदारी और नए परिवेश में थोड़ी असहजता थी, फिर सब कुछ भगवान श्रीकृष्ण पर छोड़कर निष्ठा से काम किया। कृष्ण की कृपा और आप सबके सहयोग से पूरे कार्यकाल में परम संतोष मिला," उन्होंने कहा।
सबसे दिलचस्प बात उन्होंने हंसते हुए कही। बोलीं- "शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि तैनाती के दौरान मैं फोटोग्राफर और लेखिका भी बन जाऊंगी।" उन्होंने बताया कि उनकी दो किताबें पाइपलाइन में हैं। और अलीगढ़ की यादों को वह अपनी रचनात्मक यात्रा का हिस्सा बनाएंगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने साथ काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भरोसा किया और सभी ने उस भरोसे को कायम रखा।
अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार ने कहा कि यह हर्ष और विषाद का मिला-जुला पल है। एक तरफ साथी अधिकारी के जाने का भावुक क्षण है, तो दूसरी तरफ संतोष है। कि उन्हें मुरादाबाद जैसे महत्वपूर्ण मंडल की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने संगीता सिंह को बहुआयामी और महान व्यक्तित्व की धनी बताया। कहा कि उनके व्यवहार में सहजता, विनम्रता, कार्यशैली में अनुशासन और विपरीत परिस्थितियों में ठोस और त्वरित निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता रही। उनके प्रकृति प्रेम को भी सभी ने करीब से देखा।
अपर आयुक्त न्यायिक अखिलेश कुमार ने उनके नवाचारी कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि संगीता सिंह ने परंपरागत ढर्रे से हटकर काम किया। पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रही। पोषण पोटली, बाल विकास योजनाएं, बालिकाओं के लिए HPV वैक्सीनेशन जैसे अभिनव प्रयास और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को उन्होंने मिशन बनाया। उन्होंने हमेशा अधीनस्थों का मार्गदर्शन किया और रचनात्मक कामों के लिए प्रेरित किया। समारोह के दौरान अधिकारियों ने उनके कार्यकाल के किस्से साझा किए और नई तैनाती के लिए शुभकामनाएं दीं। पूरा सभागार आत्मीयता और सम्मान से भरा रहा। अंत में अलीगढ़ की यादों और सहकर्मियों के स्नेह की पोटली बांधकर संगीता सिंह मुरादाबाद के लिए रवाना हो गईं।