Aligarh News: अलीगढ़ में राजस्व वसूली पर डीएम सख्त, मंडी सचिवों का वेतन रोका
Aligarh News: राजस्व वसूली में ढिलाई पर डीएम अविनाश कुमार ने कड़ा रुख अपनाया, सभी मंडी सचिवों का दो माह का वेतन रोका, अमीनों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
अलीगढ़ में राजस्व वसूली पर डीएम सख्त, मंडी सचिवों का वेतन रोका (Photo- Newstrack)
Aligarh News: राजस्व वसूली में लापरवाही अब अधिकारियों को महंगी पड़ेगी। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेंत्तर और राजस्व संग्रह की समीक्षा बैठक में सख्ती दिखाते हुए कृषि विपणन विभाग के सभी मंडी सचिवों का दो महीने का वेतन रोकने के निर्देश दिए। पिछले दो महीने से संतोषजनक प्रगति न होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि काम में बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में वाणिज्यकर, स्टाम्प-रजिस्ट्रेशन, आबकारी, विद्युत और नगर निगम की सेक्टरवार समीक्षा हुई। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने 73 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 60 करोड़ वसूल किए। आबकारी विभाग ने 130 करोड़ के सापेक्ष 118 करोड़ और विद्युत विभाग 182 करोड़ के सापेक्ष 103 करोड़ ही वसूल पाया। नगर निगम ने 4.78 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 4.91 करोड़ वसूल कर टार्गेट पार किया।
विद्युत, बैंक और स्टांप के बड़े बकाएदारों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अलीगढ़ डीएम अविनाश कुमार ने वाणिज्यकर विभाग को निर्देश दिए कि 30 मई तक सभी सर्किल का बकाया और नॉन रिकवरेबल धनराशि का पूरा ब्यौरा सोमवार तक उपलब्ध कराया जाए। राजस्व वादों की तहसीलवार समीक्षा करते हुए सभी एसडीएम को कहा कि विद्युत, बैंक और स्टांप के बड़े बकाएदारों पर कड़ी कार्रवाई करें।
बैठक में डीएम ने अमीनों की भूमिका को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में अमीन रीढ़ की हड्डी होते हैं। सभी एसडीएम अमीनवार वसूली की समीक्षा करें और उनकी जवाबदेही तय करें। तहसीलों में धारा 80, 24, 33, अंश निर्धारण समेत लंबित प्रकरणों को गंभीरता और समयबद्धता से निपटाने के निर्देश भी दिए।
अलीगढ़ डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई और तेज की जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से लंबित आरसी और विविध देयों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक में एडीएम वित्त प्रमोद कुमार, एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल गुप्ता समेत सभी एसडीएम, एसीएम, तहसीलदार और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।