लोक सेवा आयोग अध्यक्ष को हटाने की मांग! अमिताभ ठाकुर ने राष्ट्रपति को भेजा प्रत्यावेदन, पदमुक्त करने की मांग
Lucknow Today News: अपने प्रत्यावेदन में अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच हुई लगभग 600 भर्तियों की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी गई थी।
Lucknow Today News (PHOTO CREDIT: SOCIAL MEDIA)
Lucknow Today News: आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत को उनके पद से हटाने की मांग करते हुए भारत के राष्ट्रपति को एक विस्तृत प्रत्यावेदन भेजा है। अमिताभ ठाकुर ने संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत संजय श्रीनेत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें पदमुक्त करने की मांग की है।
क्या है पूरा प्रकरण
अपने प्रत्यावेदन में अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच हुई लगभग 600 भर्तियों की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी गई थी। लेकिन अब तक केवल दो मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो सकी है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में भी तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद लोक सेवा आयोग ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के अंतर्गत तीन अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति नहीं दी है, जबकि इस धारा के तहत तीन माह के भीतर निर्णय लिया जाना अनिवार्य होता है।
सीबीआई निदेशक ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में क्या कहा
अमिताभ ठाकुर ने यह भी बताया कि सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज सिंह को 26 मई 2025 को भेजे गए एक पत्र में यह साफ कहा गया है कि लोक सेवा आयोग जांच में खुलकर असहयोग कर रहा है। पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि आयोग बार-बार अनुरोध के बावजूद जांच से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहा है।
सीबीआई निदेशक ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें संबंधित दस्तावेज और अभियोजन की स्वीकृति नहीं मिलती, तो आयोग के निरंतर असहयोग के चलते जांच को हमेशा के लिए बंद करना पड़ेगा।
जांच रिपोर्ट के आधार पर पद से हटाने की मांग
इन तथ्यों के आधार पर अमिताभ ठाकुर ने संजय श्रीनेत के आचरण को स्पष्ट कदाचार और दुर्व्यवहार बताते हुए राष्ट्रपति से अपील की है कि उन्हें संविधान के अनुच्छेद 317 के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट से जांच करवाकर, जांच रिपोर्ट के आधार पर पद से हटाया जाए।