UP News: अब वे संन्यासी नहीं, अजय बिष्ट हैं..., अविमुक्तेश्वरानंद ने CM योगी को लेकर क्यों कही ये बात?
UP News: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा प्रहार करते हुए उनकी धार्मिक और राजनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
Avimukteshwaranand Targets Yogi Adityanath
UP News: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा प्रहार करते हुए उनकी धार्मिक और राजनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा और शास्त्रों के अनुसार कोई भी संन्यासी सांसारिक पद नहीं संभाल सकता। उन्होंने कहा, "जो व्यक्ति संन्यास ग्रहण कर चुका है और संसार का त्याग कर चुका है, उसके लिए राजनीतिक या प्रशासनिक पद स्वीकार करना शास्त्रसम्मत नहीं माना गया है। इसलिए अब योगी आदित्यनाथ को संन्यासी कहना उचित नहीं है। वे वास्तव में अजय सिंह बिष्ट के रूप में कार्य कर रहे हैं।"
गौ संरक्षण के मुद्दे पर सहयोग स्वीकार
समाजवादी पार्टी के नेताओं से संपर्क और उनकी यात्रा में मिले सहयोग को लेकर पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए जो भी व्यक्ति आगे आ रहा है, उसका सहयोग स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मन में हिंदू धर्म और गौ माता के प्रति आस्था है, वे इस अभियान में योगदान दे रहे हैं। वहीं, जो लोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए गाय का नाम लेते हैं, उनसे किसी सकारात्मक पहल की उम्मीद नहीं की जा सकती।
माघ मेले की घटना पर सरकार पर लगाए आरोप
शंकराचार्य ने माघ मेले के दौरान अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में सिविल सोसायटी द्वारा कराई गई जांच में उत्तर प्रदेश सरकार की भूमिका सामने आई है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीबीआई निदेशक नागेश्वर राव की अध्यक्षता में हुई जांच में कुछ गंभीर निष्कर्ष सामने आए हैं। उनका आरोप है कि यदि सरकार वास्तव में निष्पक्ष होती तो इस पूरे मामले की आधिकारिक जांच कराती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करती। शंकराचार्य ने कहा कि जब हिंदू समाज की आस्था और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठते हैं, तब विरोध करना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है, लेकिन जिन नीतियों या फैसलों को वह गलत मानते हैं, उनका खुलकर विरोध करते रहेंगे।
अखिलेश यादव से मुलाकात पर भी दी सफाई
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ अपनी मुलाकात को लेकर भी शंकराचार्य ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी अखिलेश यादव को "नमाजवादी" नहीं कहा। उन्होंने बताया कि 12 मार्च को लखनऊ में उनकी अखिलेश यादव से करीब एक घंटे तक चर्चा हुई थी। इस दौरान अखिलेश ने आशीर्वाद मांगा था। शंकराचार्य ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्होंने आशीर्वाद दिया, लेकिन किसी राजनीतिक दल को समर्थन देने का सवाल तभी उठेगा जब वह पार्टी गौ संरक्षण के पक्ष में स्पष्ट और ठोस रुख अपनाए।