Ram Mandir चढ़ावा चोरी में टिन्नू यादव निकला बड़ा खिलाड़ी! पत्नी के नाम पर कंपनी, सामने आया 47 लाख वाली कंपनी का 'सच'

Ram Mandir Donation Theft Case: इससे पहले जांच में यह भी सामने आया था कि उसने कथित तौर पर चोरी की रकम का निवेश शेयर मार्केट में भी किया था।

Update:2026-07-17 09:10 IST

Ram Mandir Donation Theft Case

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) चढ़ावा चोरी (Donation Theft Case) मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और बेहद हैरान कर देने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब गिरफ्तार आरोपी रमा शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (Tinnu Yadav) को लेकर एक और बेहद चौंका देने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि टिन्नू यादव अपनी पत्नी पूनम देवी (Poonam Devi) के नाम पर 'सौंदर्य कंस्ट्रक्शन' (Saundarya Construction) नामक एक निर्माण कंपनी चला रहा था। इससे पहले जांच में यह भी सामने आया था कि उसने कथित तौर पर चोरी की रकम का निवेश शेयर मार्केट (Share Market) में भी किया था।

पत्नी के नाम पर पंजीकृत थी कंस्ट्रक्शन कंपनी

जानकारी के अनुसार, टिन्नू यादव की यह निर्माण कंपनी साल 2023 से लोक निर्माण विभाग (PWD) में पंजीकृत है। बताया जा रहा है कि विभाग में पंजीकरण के पहले ही साल इस फर्म को तकरीबन 47 लाख रुपये के निर्माण कार्य मिल चुके थे। कंपनी छोटे-छोटे निर्माण कार्यों के टेंडर लेकर विभिन्न सरकारी परियोजनाओं में कार्य कर रही थी। जानकारी के अनुसार, यह फर्म पूनम देवी के नाम पर न्यू शिक्षक कॉलोनी के पते पर पंजीकृत है।

टेंडर हासिल करने को लेकर भी सामने आए दावे

सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि आरोपी प्रभावशाली लोगों और सफेदपोशों की पैरवी के माध्यम से सरकारी टेंडर हासिल करता था। हालांकि, इन दावों की अभी तक कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच यह जानकारी भी सामने आई है कि आरोपी का बेटा रवि (Ravi) भी लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी कर रहा है। जांच एजेंसियां अब इन सभी तथ्यों को भी जांच के दायरे में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

पहले शेयर मार्केट में निवेश का हुआ था खुलासा

इस मामले में इससे पहले पुलिस जांच के दौरान यह खुलासा हुआ था कि आरोपियों ने कथित तौर पर राम मंदिर के चढ़ावे से चोरी की गई रकम को केवल खर्च नहीं किया, बल्कि उसे बढ़ाने के लिए एक पूरा वित्तीय नेटवर्क तैयार किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों ने चोरी की रकम का निवेश शेयर मार्केट (Share Market) में भी किया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पैसों के लेनदेन को छिपाने के लिए रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खातों का प्रयोग किया।

रिश्तेदारों के खातों के माध्यम से छिपाया गया लेनदेन

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर चोरी की रकम पहले अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई। इसके बाद उसी रकम को वापस अपने खातों में मंगाकर लेनदेन को छिपाने का प्रयास किया गया। जांच एजेंसियां अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क (Financial Network) की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी की रकम का प्रयोग कहां-कहां और किस तरह किया गया।

ऐसे सामने आया था पूरा मामला

राम मंदिर (Ram Mandir) चढ़ावा चोरी मामले की शुरुआत जून के पहले हफ्ते में हुई थी। उस वक़्त मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया था। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट (Trust) की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने इस पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) का गठन किया। SIT की प्रारंभिक जांच में गबन के संकेत मिलने के बाद FIR दर्ज की गई और चढ़ावा गणना से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

जांच लगातार बढ़ रही आगे

अब इस मामले में लगातार नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पहले शेयर मार्केट में निवेश की जानकारी सामने आई और अब आरोपी टिन्नू यादव की पत्नी के नाम पर चल रही कंस्ट्रक्शन कंपनी का मामला भी जांच के केंद्र में आ गया है। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं और सामने आ रही जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।

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