राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आज सरकार को अंतिम रिपोर्ट सौंप सकती है SIT, कई बड़े खुलासों की संभावना
SIT Final Report: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी आज उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप सकती है। रिपोर्ट में बड़े खुलासों, आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक खामियों का खुलासा होने की संभावना है।
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अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप सकता है। तीन सदस्यीय एसआईटी अपनी रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपने की तैयारी में है। जांच के लिए एसआईटी को पहले 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया था, जिसकी अवधि 15 जुलाई को पूरी हो रही है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यदि जांच के कुछ पहलुओं पर और पड़ताल आवश्यक हुई तो एसआईटी सरकार से अतिरिक्त समय भी मांग सकती है।
रिपोर्ट में हो सकते हैं बड़े खुलासे
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने आरोपियों और गवाहों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में कथित चढ़ावा चोरी के पूरे नेटवर्क, धन के इस्तेमाल और संभावित रूप से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
जानकारी यह भी है कि एसआईटी केवल जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका ही नहीं बताएगी, बल्कि मंदिर की दान व्यवस्था, निगरानी तंत्र और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए भी सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दे सकती है।
दो आरोपियों की 14 घंटे की पुलिस रिमांड
इसी बीच मंगलवार को अयोध्या की विशेष अदालत ने मामले के दो आरोपियों रामशंकर मिश्र और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव की 14 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी। जांच अधिकारी ने दोनों आरोपियों की सात दिन की पुलिस हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सीमित अवधि की रिमांड ही स्वीकृत की।
बुधवार सुबह पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इससे पहले सह-आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से भी पुलिस रिमांड के दौरान अलग-अलग पूछताछ की जा चुकी है।
जांच में नकदी, सोना और निवेश के दस्तावेज मिले
सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में पुलिस ने नकदी, सोना, निवेश से जुड़े दस्तावेज और कथित रूप से चोरी की गई रकम से खरीदे गए दो चारपहिया वाहन बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि कथित रूप से हड़पी गई राशि का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया, जबकि कुछ धन ब्याज पर उधार देने में लगाया गया था।
इन तथ्यों की पुष्टि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में होने की संभावना जताई जा रही है।
आरोपी के निर्माणाधीन मकान पर सीलिंग की तैयारी
मामले में आरोपी (लवकुश मिश्रा) की पत्नी (सुप्रिया मिश्रा) को अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने मंगलवार को निर्माणाधीन मकान के संबंध में अंतिम नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले 3 जुलाई को जारी नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला था।
प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि यदि 15 जुलाई तक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो बनवीरपुर स्थित निर्माणाधीन दो मंजिला भवन को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित भूखंड सुप्रिया मिश्रा के नाम पर पंजीकृत है।
रिपोर्ट पर टिकी सरकार और जांच एजेंसियों की नजर
राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। सरकार को सौंपी जाने वाली एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित दान चोरी का पूरा तंत्र कैसे संचालित हुआ, किन लोगों की क्या भूमिका रही और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन सुधारों की आवश्यकता है। रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है।