सीकर से अयोध्या तक का सफर, कौन हैं Bajrang Lal Bagda जो चुने गए राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव?
Ram Mandir Trust New General Secretary: राम मंदिर में दान चोरी विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। उनकी जगह विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा को नया महासचिव चुना गया है। जानिए कौन हैं बजरंग लाल बागड़ा और कैसा रहा उनका सफर।
Bajrang Lal Bagda, Ram Mandir Trust New General Secretary
Ram Mandir Trust New General Secretary: राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सोमवार, 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वर्तमान महासचिव चंपत राय (Champat Rai) के इस्तीफे को आधिकारिक रूप से मंजूर कर लिया। चंपत राय की विदाई के साथ ही ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा (Bajrang Lal Bagda) को राम मंदिर ट्रस्ट का नया महासचिव (General Secretary) चुन लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, नवनियुक्त महासचिव बजरंग लाल बागड़ा इस समय अयोध्या (Ayodhya) स्थित राम मंदिर परिसर क्षेत्र में ही मौजूद हैं। हालांकि, रणनीतिक और प्रशासनिक कारणों से वे सीधे तौर पर ट्रस्ट की इस बैठक में शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वह जल्द ही अपना नया कार्यभार संभालेंगे।
सीकर के सरकारी स्कूल से CA बनने तक का सफर
आपको बताते चलें कि बजरंग लाल बागड़ा राजस्थान (Rajasthan) के सीकर (Sikar) जिले से ताल्लुक रखते हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वर्ष 1961 से 1970 के बीच सरकारी माध्यमिक विद्यालय लोसल (Losal) में हुई। पढ़ाई के दौरान उन्होंने राजस्थान बोर्ड (Rajasthan Board) में स्टेट मेरिट हासिल की थी और अपने दम पर नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप (National Merit Scholarship) भी प्राप्त की।
स्कूली जीवन में वे फर्स्ट क्लास स्काउट (First Class Scout) और पेट्रोल लीडर (Patrol Leader) भी रहे। इसके बाद उन्होंने जयपुर (Jaipur) के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स (University College of Commerce) से बी.कॉम (B.Com) की पढ़ाई पूरी की। आगे चलकर उन्होंने द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) से चार्टर्ड अकाउंटेंसी (Chartered Accountancy) की पढ़ाई पूरी कर सीए (CA) की उपाधि हासिल की।
RITES से नाल्को के शीर्ष पद तक का सफर
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के कारण बजरंग लाल बागड़ा का कॉर्पोरेट और वित्तीय क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने नवंबर 2000 से फरवरी 2007 तक आरआईटीईएस लिमिटेड (RITES Ltd) में डायरेक्टर ऑफ फाइनेंस (Director of Finance) के रूप में सेवाएं दीं।
इसके बाद उन्होंने भारत सरकार (Government of India) के खान मंत्रालय (Ministry of Mines) के अधीन आने वाली नवरत्न कंपनी नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2007 से 2011 तक वे नाल्को में डायरेक्टर वित्त (Director Finance) और मुख्य वित्तीय अधिकारी (Chief Financial Officer) रहे।
उनकी वित्तीय और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए वर्ष 2011 में उन्हें नाल्को का चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (Chairman and Managing Director) नियुक्त किया गया। इस शीर्ष पद पर उन्होंने वर्ष 2013 तक अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
एकल अभियान के जरिए लाखों बच्चों तक पहुंची शिक्षा
कॉर्पोरेट जीवन के बाद बजरंग लाल बागड़ा ने समाज सेवा और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2013 से 2021 तक उन्होंने एकल अभियान (Ekal Abhiyan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काम किया
उनके नेतृत्व में यह अभियान देश के 62 हजार से अधिक गांवों तक पहुंचा। इस दौरान लगभग 59 हजार विद्यालय संचालित किए गए, जिनके माध्यम से करीब 16 लाख बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण का लाभ मिला।
विहिप में बढ़ता कद और संगठन में मजबूत पहचान
हिंदू समाज, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद ने उन्हें संगठन में लगातार बड़ी जिम्मेदारियां सौंपीं। जुलाई 2021 में उन्हें विहिप का संयुक्त महासचिव (Joint General Secretary) बनाया गया।
इसके बाद फरवरी 2024 में उन्हें पदोन्नत करते हुए विश्व हिंदू परिषद का अंतरराष्ट्रीय महामंत्री (Secretary General) नियुक्त किया गया। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, रणनीतिक सोच और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें हिंदू समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विहिप का मजबूत चेहरा माना जाता है।
बेदाग छवि के चलते मिली नई जिम्मेदारी
बजरंग लाल बागड़ा को उनकी सांगठनिक निष्ठा, बेदाग छवि और कार्यकुशलता के लिए जाना जाता है। फरवरी 2024 में अयोध्या में आयोजित विहिप की राष्ट्रीय बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से संगठन का अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चुना गया था।
उन्हें हिंदू समाज, धर्मांतरण विरोधी कानून, जनसंख्या नियंत्रण और देशभर के मंदिरों के धार्मिक एवं प्रशासनिक मामलों पर विहिप का पक्ष मजबूती और तार्किक ढंग से रखने वाले नेताओं में गिना जाता है। अब राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव बनने के बाद माना जा रहा है कि मंदिर की व्यवस्थाओं में बड़े और पारदर्शी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।